ना पानी, ना छाया तेज धुप मे कार्य करने को मजबूर महानरेगा श्रमिक

एनएनआई 
जालोर ( कांतिलाल मेघवाल)

भीनमाल:- 28/05/2017 निकटवर्ती गाँव खानपुर पंचायत समिति जसवंतपुरा मे महात्मा गांधी ग्रामीण रोजगार गारन्टी योजनान्तर्गत वर्ष 2014 -15 में अभिनव पहल के तहत मॉडल तालाब के रूप मे विकसित किया जा रहा भादलाई आदर्श तालाब निर्माण कर रहे श्रमिको के लिए महानरेगा योजना किसी मुसीबत से कम नहीं है।
यहां पर कार्य कर रहे श्रमिको के लिए  ग्राम पंचायत खानपुर द्वारा छाया की व्यवस्था बिलकुल ही नहीं की गई है इसलिए तेज गर्मी मे परेशान होना पड़ रहा है। साथ ही तेज धुप मे कार्य कर रहे श्रमिको के लिए पीने का पानी भी नसीब नहीं है। इस कारण मजबूरन घर से पानी की बोतल भरकर लानी पड़ती है लेकिन वह कुछ ही देर मे खाली होने के बाद हातिमताई जोड़ मे एक किलोमीटर दूर पानी हेतु जाना पड़ता है। इतना ही नहीं इस आदर्श भादलाई तालाब निर्माण हेतु 25.16 लाख श्रम और 19.45 लाख सामग्री सहित कुल 44.61 लाख रूपये 19.09.2014 को स्वीकृत हुये थे ओर छः माह मे आदर्श तालाब का निर्माण करवाना था, लेकिन 3 साल बीतने को है जबकि आधा भी काम नहीं हुआ है। कार्यरत श्रमिको का कहना है की मेडिकल सुविधा सहित छाया-पानी जैसी मुलभुत सुविधाये नहीं होने के कारण 100 की जगह 30 - 40 मजदुर ही काम पर आते है। कई बार ग्राम पंचायत के आला अधिकारियों को अवगत करवाया लेकिन ध्यान नहीं दिया जा रहा है इतना ही नहीं मजदूरो का कहना है पंचायत समिति जसवंतपुरा के कम्प्यूटर कार्मिको की लापरवाही के चलते कई बार हमारी मजदूरी हमारे खाते मे नहीं चढ़कर किसी और के खाते मे चढ़ा देते है जिससे कई बार बैंक और पंचायत समिति के चक्कर लगाने को मजबूर होना पड़ता है।