हाईस्पीड टैल्गो देखने उमड़े लोग, राजधानी से भी कम समय में कोटा पहुंची ट्रेन

हाईस्पीड टैल्गो कोच ट्रेन की अपने तीसरे रूट की ट्रॉयल के तहत शुक्रवार को कोटा होकर गुजरी। बड़ी संख्या में शहरवासी इस ट्रेन की स्पीड व कोच को देखने पहुंचे थे। ट्रेन तय समय से लगभग चार मिनट देरी से शाम 6.44 बजे कोटा के प्लेटफार्म नंबर दो पर पहुंची। ट्रेन को निर्धारित ठहराव के बाद 6.59 बजे मुंबई के लिए रवाना किया गया। इस ट्रेन की फिलहाल 130 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से ट्रॉयल की गई है। अब 9 अगस्त को 140 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से तथा 12 अगस्त को 150 किमी प्रति किमी की रफ्तार से ट्रॉयल होगी।

टैल्गो ट्रेन ने कितना लिया समय

ट्रेन के कोटा प्लेटफार्म पर पहुंचने पर अधिकारियों ने कोच में सवार रेलवे बोर्ड के अधिकारियों व टैल्गो के प्रतिनिधियों से ट्रेन के दिल्ली से कोटा के बीच के संचालन के बारे में चर्चा की। इस ट्रेन को दिल्ली से कोटा मंडल के ड्राइवक तेजपाल व बाबूलाल लाए थे। दिल्ली से मथुरा के बीच ट्रेन के संचालन के बारे में भास्कर ने ड्राइवर व टीआई से बातचीत की। टीआई ने कहा कि ट्रेन को अधिकतर समय 130 की गति से चलाया गया। मथुरा के पास का कॉशन आर्डर था। इसलिए ट्रेन ने वहां दो मिनट का झटका खाया। आमली रेलवे स्टेशन के पास कर्व में भी ट्रेन की गति लगभग 125 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से थी। ट्रेन को मथुरा से कोटा के बीच दिल्ली-मुंबई मेन राजधानी के समय से पहले 2 घंटे 16 मिनट में लाया गया। राजधानी एक्सप्रेस ट्रेन मथुरा से कोटा की दूरी दो घंटे 55 मिनट में पूरी करती है। टैल्गो ट्रेन ने 2 घंटे 16 मिनट लिए हैं। यानी राजधानी से कम समय में मथुरा से कोटा पहुंची है।


देशी इंजन से दौड़े विदेशी कोच

स्पेन की टैल्गो कंपनी के कोच दिल्ली-मुंबई रेलमार्ग पर ट्रॉयल के तहत शुक्रवार को देशी इंजन डब्ल्यूडीपी -4 से दौड़ी है। ये डीजल इंजन है। ड्राइवरों ने बताया कि इस इंजन की अधिकतम गति 160 किमी प्रतिघंटे की है।


राजधानी से कम समय लिया

दिल्ली से मुंबई के बीच चलने वाली मैन राजधानी एक्सप्रेस मथुरा से कोटा के बीच 2 बजकर 55 मिनट पर कोटा पहुंची है। टेल्गो ट्रेन ने 2 घंटे 16 मिनट लिए हैं। यानी कम समय में कोटा पहुंची है