जल्द ही कंप्यूटर में अपनी जमीन का नक्शा देख सकते हैं, 5 करोड़ से होगा नक्शों का डिजिटलाइजेशन

लखनऊः प्रदेश की योगी सरकार ने सोमवार शाम कई अहम फैसले लिए। इनमें भू-मानचित्रों को डिजिटलाइजेशन करने का फैसला शामिल है। भू मान चित्रों में हेराफेरी को रोकने और इन्हें और पारदर्शी बनाने के लिए जमीनों के मानचित्रों को डिजिटल करने का निर्णय लिया गया।

इसके साथ ही आम जनता के लिए सारे भू मानचित्र आनलाइन उपलब्ध होंगे। 
पहले चरण में राष्ट्रीय भू अभिलेख आधुनिकीकरण के तहत प्रदेश के 70 जिलो के भू मानचित्रों को डिजिटलीकृत कर आनलाइन करने का फैसला लिया गया है।

उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक सोमवार शाम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई। बैठक के बाद प्रदेश मंत्रिमंडल के प्रवक्ता और ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने बताया कि भू मानचित्र भू संबंधी महत्तवपूर्ण अभिलेख है, जो बहुत पुराने और जीर्ण शीर्ण होते जा रहे है। इसके अलावा वह किसानों और आम जनता को उपलब्ध नहीं हो पाते है।

श्रीकांत शर्मा ने कहा कि भू मानचित्र आनलाइन होने से यह सुरक्षित रहेंगे तथा इसमें हेराफेरी भी नहीं की जा सकती है तथा पारदर्शिता बनी रहेगी। इसके लिये प्रदेश सरकार ने पांच करोड़ 21 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत की है।

प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने बताया कि सरकार अपने वायदे के अनुसार लघु एवं सीमांत किसानों के कर्ज माफ कर रही है। इसमें से काफी किसान ऐसे है जिनका कर्ज गैर निष्पादित है। इनमें से 12 लाख 61 हजार 225 किसानों का कर्ज कोआपरेटिव बैंक से है जो करीब 1893 करोड़ रुपये है।

इसमें सरकार ने इन किसानों के बंद हो चुके खातों को वन टाइम सेटलमेंट करने का फैसला किया है। इसके तहत सरकार ने किसानों के बंद पड़े खातों के बकाया एक लाख रुपये का 75 फीसदी हिस्सा सरकार देगी तथा 25 फीसदी हिस्सा बैंक वहन करेगा।