हर किसी के जुबां पर थीं शहीद अरशद अली से जुड़ी बातें, नक्सली हमले में शहीद हो गया अमरोहा का लाल

अमरोहाः  आईटीबीपी के जवान अरशद अली का पार्थिव शरीर जब उसके गांव भदौर पहुंचा तो उसकी एक झलक देखने के लिए उस गांव के साथ आसपास के दर्जनों गांव के लोग उसके घर उमड़े। अरशद अली नक्सली हमले में शहीद हो गए थे। तिरंगे में लिपटा पार्थिव शरीर जब गांव में पहुंचा तो पूरा माहौल गमगीन हो गया। 
सभी के जुबां पर अरशद अली से जुड़ी बातों का जिक्र था। शहीद जवान को सम्मान के साथ सलामी दी गयी। शहीद  की

अंतिम विदाई में शामिल होने के लिए अमरोहा लोकसभा से भाजपा सांसद चैधरी कंवर सिंह तँवर सहित केबिनेट मंत्री चेतन चैहान भी पहुंचे। 

अमरोहा जनपद के सैदनगली थाना इलाके के  भदौरा गांव निवासी अरशद अली सन 2012  में आईटीबीपी में भर्ती हुए थे। अरशद अली 2 वर्ष से छत्तीसगढ़ के जिला नारायणपुर में तैनात था। बीते रविवार की शाम को नक्सली हमले में जवान अरशद अली शहीद हो गए। जिसके दो दिन बाद मंगलवार देर शाम उसका शव उसके पैतृक गांव भदौरा लाया गया। जवान को अंतिम बार देखने के लिए आसपास के लोगों की भीड़ लग गयी। उसके शव को देखते ही सभी की आंखें नम हो गईं। 

शहीद के परिजनों की मांग है की गांव में शहीद अरशद अली के नाम का मुख्य द्वार और एक सरकारी अस्पताल बनाया जाये ताकि शहीद अरशद अली आने वाली पीढ़ियों को भी याद रहे।