डॉक्टर ने किया मानवता को शर्मसार जानकर चौक जायंगे आप.....

फर्रुखाबादः एक ओर जहां सरकार सबको शिक्षा सबको स्वास्थ्य देने की बातें कर रही है, वहीं चंद पैसों के लिए एक अस्पताल ने गंभीर रूप बीमार छह माह के बच्चे को अस्पताल से निकाल दिया। बच्चे को अस्पताल से नहीं निकालने के लिए डॉक्टर के आगे मां गिड़गिड़ाती रहीं। उसका जिगर का टुकड़ा चला जा सकता है लेकिन डॉक्टर ने एक न सुनी। वहां मौजूद पिता से रहा नहीं गया। वह पैसे जुगाड़ करने के लिए भागा और कुछ देर बाद पैसे लेकर भी आया लेकिन तब तक उसका लाडला इस दुनिया से जा चुका था।

यह हृदय विदारक घटना फर्रुखाबाद के एक निजी अस्पताल में घटी। बेहाल दम्पति मृत बच्चे को लेकर न्याय की गुहार में डीएम कार्यालय जा पहुंचा। डीएम ने पूरे मामले में दरियादिली दिखाते हुए सरकारी वाहन से उन्हें कोतवाली भेजा और अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई के लिए सीएमओ को फोन किया। फिलहाल अस्पताल संचालक के खिलाफ कोतवाली में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।  

कहां का है मामला

मोहम्मदाबाद कोतवाली क्षेत्र के गांव खिमसेपुर निवासी रतिराम उर्फ नन्हें जाटव अपने छह माह के पुत्र प्रवेश को बुखार आने के कारण सुबह आवास विकास कालोनी स्थित डा. सीएन भल्ला के अस्पताल लेकर आए। बच्चे की हालत गंभीर थी। डाक्टर ने बच्चे के इलाज के लिए पांच हजार का एस्टीमेट बनाया। रतीराम के पास दो हजार रुपये थे जो पर्चा बनवाने और दवा आदि लेने में खर्च हो गए। इस बीच डॉक्टर ने बच्चे को अस्पताल से बाहर करने को कहा। उसकी मां गिड़गिड़ाती रही लेकिन डाॅक्टर नहीं माना।

डीएम ने कार्रवाई का भरोसा दिया

रतिराम रुपयों का इंतजाम करने घर चला आया। इसी बीच बच्चे को गंभीर अवस्था में ही अस्पताल से बाहर निकाल दिया गया। कुछ देर बाद बच्चे की मौत हो गई।  
डीएम मोनिका रानी ने पूरे मामले की जानकारी ली। उन्होंने पुलिस अधीक्षक और सीएमओ को कार्रवाई के लिए कहा। बच्चे की मौत के गम में सविता की हालत खराब थी इस पर डीएम ने अपने कक्ष से बाहर निकलकर खुद सहारा देकर सरकारी वाहन से कोतवाली भेजा। डीएम ने बताया कि पूरे मामले की सीएमओ कर रिपोर्ट भेजेंगे। उसके बाद डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। 

जांच की बात आते ही पलटा डॉक्टर

जांच की बात सामने आते ही आरोपी डॉक्टर अपनी बातों से मुकर गया। आरोपी डा. मनीष भल्ला ने कहा है कि गंभीर बच्चे को कभी भी इस हालत में नहीं छोड़ सकते। रतिराम की तहरीर पर डाक्टर के खिलाफ धारा 304 ए में मुकदमा दर्ज हो गया है।