अब बैक चैनेल से राममंदिर विवाद सुलझाने का प्रयास, दोनों ओर के कई पक्षकारों ने श्रीश्री रविशंकर से की मुलाकात

नई दिल्लीः अयोध्या में राम मंदिर विवाद को सुलझाने के लिए सरकार ने अपने प्रयास तेज कर दिए हैं। एक ओर जहां कोर्ट के माध्यम से विवाद को सुलझाने की बात कही जा रही है, वहीं दूसरी ओर बैक चैनल के माध्यम से भी दोनों पक्षों के बीच आम राय बनाने की कोशिशें की जा रही है।

इस कठिन काम को करने में सरकार आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर की मदद ले रही है। बताया जाता है कि दोनों पक्षों के कई पक्षकारों ने श्रीश्री से मुलाकात कर बातचीत का माहौल बनाने की गुजारिश की है।

श्रीश्री रविशंकर ने कहा कि वह इस मामले में मध्यस्थता के लिए तैयार हैं, लेकिन फिलहाल इस मामले में कोई पहल शुरू नहीं हो पाई है। 

श्रीश्री रविशंकर ने कहा, कुछ लोग मेरे पास आए और मुझसे मिले हैं। अभी बात बस इतनी ही है। सभी लोग सकारात्मक ऊर्जा के साथ आए थे और लोग इस मसले का हल चाहते हैं। यदि मुझे मध्यस्थ बनने की जरूरत पड़ी तो मैं इसके लिए तैयार हूं। 

जानकारी के अनुसार, श्रीश्री रविशंकर से निर्मोही  अखाड़ा और ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (एआइएमपीएलबी) के कुछ सदस्य मिले हैं और उन्होंने आध्यात्मिक गुरु से यह अनुरोध किया है कि वह दोनों समुदायों के बीच लंबे समय से विवाद का विषय बने इस मसले को हल करने के लिए उपयुक्त वातावरण बनाएं। 

आध्यात्मिक गुरु ने बताया, अभी इस मामले में कुछ कहना बहुत जल्दबाजी होगी। मैं चाहता हूं कि इस पूरे मसले को सौहादपूर्ण तरीके से हल किया जाए। दोनों समुदायों को साथ आकर उदारता   दिखानी चाहिए। 

गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने इस मसले को कोर्ट के बाहर सुलझाने की सलाह दी है। रामजन्म भूमि और बाबरी मस्जिद विवाद को कोर्ट के बाहर सुलझाने की कवायद शुरू भी हो गई है।

सुप्रीम कोर्ट ने गत मार्च महीने में राम मंदिर मामले पर अहम टिप्पणी करते हुए कहा था कि दोनों पक्ष आपस में मिलकर इस मामले को सुलझाना चाहिए। कोर्ट ने कहा था कि अगर जरूर पड़ी तो सुप्रीम कोर्ट के जज मध्यस्थता को तैयार हैं।