गाजियाबाद सहित पूरे प्रदेश में फिर खिलेगा कमल

गाजियाबाद। इन दिनों उत्तर प्रदेश में निगम और निकाय चुनाव चल रहे हैं । जिसके अंतर्गत पूरे प्रदेश में भगवा लहर दिखाई दे रही है । विशेषज्ञों की माने तो एक बार फिर भगवा ब्रिगेड अभूतपूर्व सफलता की ओर बढ़ रही है। आगामी 1 दिसंबर को अधिकारिक रूप से नतीजे सामने आ जाएंगे । लेकिन मतगणना से पहले आंकड़ों पर नजर डालें तो कमल का फूल तेजी से कामयाबी की ओर बढ़ता हुआ दिखाई दे रहा है। हालांकि प्रदेश में दो या तीन सीटों पर अन्य दलों के प्रत्याशी भी मेयर की कुर्सी कब्ज़ा सकते हैं। लेकिन कुल मिलाकर अगर देखा जाए तो भाजपा इन निकाय चुनाव में ऐतिहासिक सफलता अर्जित करने की और मजबूती से बढ़ रही है।

अगर बात गाजियाबाद नगर निगम चुनाव की की जाए तो इतिहास है कि पिछले 22 साल से गाजियाबाद में भाजपा का पूर्ण वर्चस्व रहा है । गाजियाबाद के प्रथम मेयर डीसी गर्ग से यह सिलसिला शुरू हुआ तो निवर्तमान मेयर आशु वर्मा तक कोई भी कमल के फूल को चुनौती नहीं दे सका। यही हाल कुछ पार्षद के चुनाव में भी देखने को मिला।

लेकिन इस बार कांग्रेस प्रत्याशी डॉली शर्मा ने बेहद कड़ा मुकाबला प्रस्तुत कर भाजपा के लिए थोड़ी बहुत मुश्किल है तो खड़ी कर ही दी हैं । इसके बावजूद जानकारों की मानें तो भाजपा अपने गढ़ को पूरी तरह से सुरक्षित रखने में एक बार फिर सफल होगा । भाजपा का जहां कैडर वोट पूरी तरह से पार्टी के साथ रहा तो वही बाल्मीकि, त्यागी, जाट और ब्राह्मण वर्ग से मतदाता पार्टी की ओर झुक हुए दिखाई दिए । इसके अलावा गाजियाबाद में वैश्य समाज के मतदाता काफी महत्वपूर्ण माने जाते हैं। उनकी उनका रुझान भी भाजपा की ओर ही दिखाई दिया। हालांकि समाजवादी पार्टी की मेयर प्रत्याशी राशि गर्ग ने वैश्य समाज के मतदाताओं को अपनी ओर लाने का भरसक प्रयास किया । लेकिन माना जा रहा है कि 60% से 70% वैश्य समाज के वोट भाजपा के खाते में गए हैं। ऐसे में यह साफ तौर पर कहा जा सकता है कि आगामी 1 दिसंबर को भाजपा जीत हासिल कर रही है। यह हो सकता है कि इस बार भाजपा की जीत का अंतर पिछली बार की तरह बहुत अधिक ना हो लेकिन समीक्षकों का कहना है कि इस बार भी भाजपा का कमल गाजियाबाद में खेलना लगभग निश्चित है।