अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के ट्वीट से पाकिस्तान में खलबली

नई दिल्लीः अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कड़े तेवर से पाकिस्तान में खलबली मची हुई है। अमेरिका ने 25 करोड़ 50 लाख डॉलर की मदद पर रोक लगाने का ऐलान क्या किया, पाकिस्तान के हुक्मरानों को सांप सूंघ गया।

एक जनवरी 2018 को जब पूरी दुनिया नए साल का जश्न मना रही थी, तभी अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने एक ट्वीट किया, जिसके बाद से पाकिस्तान सदमे में आ गया। ट्वीट ट्रंप ने कहा कि पिछले 15 वर्षों में पाकिस्तान ने अमेरिका को मूर्ख बनाया है।

अमेरिका ने मदद के नाम पर पाकिस्तान को 33 बिलियन डॉलर मुहैया कराए लेकिन सच ये है कि अफगानिस्तान में जिन आतंकी संगठनों के   खिलाफ हम कार्रवाई करते हैं उन्हें पाकिस्तान अपने यहां सुरक्षित ठिकाना मुहैया कराता है। पाकिस्तान के हुक्मरान अमेरिकी नेताओं को मुर्ख समझते हैं। 

एक तरफ ट्रंप ने ट्वीट किया तो उसके कुछ देर बाद ही पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने ट्वीट के जरिए ही जवाब दिया। उन्होंने कहा कि इंशाअल्ला हम पूरी दुनिया तथ्यों और कल्पना का सच बताएंगे। 

ट्रंप के ट्वीट से पाकिस्तान इस कदर नाराज हुआ कि उसने अमेरिकी राजदूत को विदेश मंत्रालय में तलब किया और अमेरिकी राष्ट्रपति के ट्वीट पर विरोध दर्ज कराया। यहां पर यह जानना जरूरी है कि आखिर ट्रंप ने पाकिस्तान के खिलाफ इतनी सख्त भाषा का इस्तेमाल क्यों किया।

दरअसल इंटर-सर्विसेज पब्लिक सर्विसेज के मुखिया मेजर जनरल आसिफ गफूर ने कहा कि अफगानिस्तान में आतंकवाद के खिलाफ पाकिस्तान जरूरत से ज्यादा मदद कर चुका है। अब अमेरिका और अफगानिस्तान को आगे बढ़कर और काम करने की आवश्यकता है।

यहां ये बताना जरूरी है कि हाल ही में अमेरिका और अफगानिस्तान दोनों सार्वजनिक तौर पर कह चुके हैं कि पाकिस्तान में कुछ सुरक्षित पनाहगाह हैं जहां अफगानिस्तान से आने वाले आतंकियों को शरण मिलती है।