अयोध्या (NNI Live) :- त्रेतायुग में भगवान श्रीराम के 14 वर्ष वनवास के बाद अयोध्या पहुंचने पर भारतीय क्षेत्र में खुशियां मनाई गईं थी। हर भारतीय और हिन्दू का रोम-रोम पुलकित हो गया था, लेकिन कलियुग में 500 वर्षों का वनवास काटकर अपनी मातृभूमि पर स्थापित होने जा रहे श्रीराम का गुणगान विश्व के कोने-कोने में होगा। इसकी शुरुआत 04 अगस्त की सुबह अयोध्या स्थित हनुमानगढ़ी से होगी और पांच अगस्त को मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में इसका समापन होगा।

पांच अगस्त को भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण के लिए भूमि पूजन करेंगे। तैयारियां अंतिम चरण में हैं। इधर, दूसरी ओर श्रीराम भक्तों ने इस ऐतिहासिक क्षण को अपने तरीके से मनाने का कार्य शुरू कर दिया है। यह तैयारी 04-05 अगस्त को ‘अन्तर राष्ट्रीय ऑनलाइन मानस पाठ’ किया जाएगा। विश्व के तमाम देशों में उनकी अपनी शैली में यह मानस पाठ होगा।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऑनलाइन होने वाले इस पहले मानस पाठ में प्रवासी भारतीयों के साथ गोरखपुर मंडल के कुशीनगर जिले के मठिया-माधोपुर गांव के श्रीरामलीला समिति के ग्रामीण कलाकार भी शामिल होंगे। यहां स्थित सत्यम, शिवम, सुंदरम मंदिर परिसर में भी इसकी तैयारियां अंतिम चरण में हैं। रामोत्सव नाम से होने वाले इस कार्यक्रम के आयोजकों में शामिल कुशीनगर के चकिया दुबौली गांव के निवासी डॉ पुनीत कुमार द्विवेदी की मानें तो प्रथम अंतरराष्ट्रीय ऑनलाइन श्रीराम चरित मानस पाठ के आयोजन को ‘रामोत्सव’ का नाम दिया गया। इसमें हंगरी, अमेरिका, कनाडा, जर्मनी, मारीशस, इंग्लैंड समेत दर्जन भर देशों में रहने वाले भारतीय मूल के श्रीराम भक्त शामिल हो रहे हैं।

उन्होंने बताया कि 04 अगस्त की सुबह 07 बजे से शुरू होने वाले इन आयोजन में चुनिंदा मानस टीमों के लिए समय आबंटित है। ये अपने नियत समय पर ऑनलाइन जुड़ेंगे और इनका देश-दुनिया के विभिन्न क्षेत्रों में लाइव प्रसारण होगा। उन्होंने बताया कि गोरखपुर मंडल से कुशीनगर जिले के कसया ब्लाक के मठिया माधोपुर गांव को भी आमंत्रित किया गया था। सहमति मिलने के बाद इनके लिए समय आबंटित कर दिया गया है। वर्ष 1840 से होने वाली श्रीरामलीला की वजह से ही इसका चुनाव हुआ। यहाँ की विशेषता है कि गांव के नौजवान ही श्रीरामलीला के पात्र होते हैं।