– भारत के सबसे सफल कप्तानों में से एक धोनी ने 28 साल बाद दिलाया था विश्व कप
नई दिल्ली (NNI Live) :- भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और दिग्गज खिलाड़ी महेंद्र सिंह धोनी ने देश के 74वें स्वतंत्रता दिवस पर संन्यास लेकर खुद को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से ‘आजाद’ कर लिया है। वह संयुक्त अरब अमीरात में होने वाले इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में चेन्नई सुपर किंग्स का नेतृत्व करेंगे। उन्होंने अपने संन्यास की घोषणा इंस्टाग्राम पर एक करते हुए लिखा “आपके प्रेम और समर्थन के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद। सात बजकर 29 मिनट पर मुझे रिटायर्ड मान लिया जाय।”

वहीं धोनी के बाद क्रिकेटर सुरेश रैना ने भी संन्यास का किया ऐलान, सुरेश रैना ने कहा धोनी के साथ मैं भी संन्यास ले रहा हूँ। बता दें कि सुरेश रैना भी आइपीएल खेलते रहेंगे।

सुरेश रैना ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम से एक तस्वीर शेयर की। जिसमें केदार जाधव, महेंद्र सिंह धोनी, अंबाती रायडू, करन शर्मा और मोनू सिंह एक साथ बैठे हुए हैं। इस तस्वीर को शेयर करते हुए रैना ने कैप्शन में लिखा, “आपके साथ खेलना काफी प्यारा रहा महेंद्र सिंह धोनी। पूरे दिल से गर्व के साथ, मैं आपके इस सफर में शामिल होना चाहता हूं। शुक्रिया भारत। जय हिंद।”

धोनी ने भारतीय क्रिकेट टीम के लिए आखिरी बार न्यूजीलैंड के खिलाफ ओल्ड ट्रैफर्ड में 2019 विश्व कप का सेमीफाइनल मैच खेला था। उसके बाद से वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से दूर थे, तभी से उनके भविष्य को लेकर अटकलें लगाई जा रही थीं। धोनी ने 30 दिसंबर 2014 को ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लिया था। इसके बाद जनवरी 2017 में उन्होंने एकदिवसीय टीम की कप्तानी भी छोड़ दी थी। रांची के रहने वाले 37 वर्षीय धोनी ने 199 एकदिवसीय और 72 टी 20 मैचों में भारत का नेतृत्व किया।

धोनी को 2007 में भारतीय क्रिकेट टीम का कप्तान बनाया गया था। इसके बाद उन्होंने भारत को विश्व टेस्ट रैंकिंग में शीर्ष पर पहुंचाया। वह तीनों प्रारूपों में से 50 से अधिक मैचों में कप्तानी करने वाले एकमात्र खिलाड़ी हैं। वर्ष 2004 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण करने के बाद धोनी ने भारतीय क्रिकेट में लगातार अपने अच्छे प्रदर्शन से खुद को साबित किया। वर्ष 2007 में टी-20 टीम का कप्तान बनाए जाने के बाद धोनी ने भारत को दक्षिण अफ्रीका में हुए पहले टी 20 विश्व कप का खिताब दिलाया। इसके बाद राहुल द्रविड़ के कहने पर धोनी को एकदिवसीय टीम का कप्तान बनाया गया। फिर अनिल कुंबले के सेवानिवृत्त होने के बाद उन्हें भारतीय टीम का पूर्णकालिक कप्तान नियुक्त किया गया। धोनी के करियर में वैसे तो काफी उतार-चढ़ाव रहे लेकिन वर्ष 2011 में उनके कप्तानी के करियर में महत्वपूर्ण बदलाव आया। 2011 के विश्व कप फाइनल में श्रीलंका को हराकर 28 साल बाद भारत को विश्व कप दिलाने का खिताब उन्हीं के नाम है।

वहीं बात करें सुरेश रैना की तो 2011 विश्व कप विजेता भारतीय टीम के सदस्य, रैना ने 30 जुलाई 2005 श्रीलंका के खिलाफ एकदिनी मैच से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया था। उन्‍होंने भारत की तरफ से 18 टेस्‍ट, 226 एकदिवसीय, और 78 टी20 मैच खेले हैं। उनके नाम 768 टेस्‍ट रन है, जिसमें एक शतक और 7 अर्धशतक शामिल है।

वहीं 226 एकदिनी मैचों में रैना ने 5 हजार 616 रन बनाये हैं, जिसमें उनके नाम 5 शतक और 36 अर्धशतक है। वहीं, 78 टी20 मैचों में रैना के नाम 1605 रन है, जिसमें एक शतक और पांच अर्धशतक शामिल है। गेंदबाजी में उनके नाम 13 टेस्‍ट विकेट, 36 एकदिनी और 13 टी20 विकेट है।

उल्लेखनीय है कि रैना लंबे समय से भारतीय टीम से बाहर चल रहे थे। उन्‍होंने 17 जुलाई 2018 को इंग्‍लैंड के खिलाफ लीड्स एकदिनी के बाद से कोई अंतरराष्ट्रीय मैच नहीं खेला था। इंडियन प्रीमियर लीग में वह धोनी के नेतृत्व वाली चेन्नई सुपर किंग्स के लिए खेलते हैं।