जयपुर (NNI Live) :- जलदाय विभाग ने राजस्थान में पानी के कनेक्शन लेने के लिए अब रजिस्टर्ड प्लम्बर की अनिवार्यता दोबारा लागू कर दी है। राज्य सरकार ने 4 जनवरी 2008 को प्रदेश में घरेलू श्रेणी के जल संबंध जारी करने के लिए पंजीकृत नलकार की आवश्यकता को खत्म कर दिया था। विभाग के शासन उप सचिव (प्रथम) राजेन्द्र शेखर मक्कड़ ने हाल ही में नए जल कनेक्शन लेने के लिए पंजीकृत नलकार की आवश्यकता के संबंध में आदेश जारी किए हैं।

विभाग ने जनवरी 2008 में घरेलू कनेक्शनों में प्लंबर के रजिस्ट्रेशन को समाप्त कर दिया था। घरेलू श्रेणी के उपभोक्ताओं की ओर से अनधिकृत व अप्रशिक्षित प्लंबर से कनेक्शन करवाने से पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो जाती है। इससे गैर राजस्व जल में बढ़ोत्तरी हुई तथा विभाग को रेवन्यू नहीं मिल रहा है। जबकि, दूसरे राज्यों में रजिस्टर्ड प्लंबर से ही कनेक्शन करवाने का प्रावधान है। गुजरे 12 सालों से यह अनिवार्यता खत्म करने के बाद प्रदेश में कोई भी प्लंबर विभाग की पाइपलाइन से कनेक्शन कर सकता था।

नए आदेश के तहत प्लंबर को विभाग के संबंधित एक्सईएन कार्यालय में सुरक्षा राशि के तौर पर 10 हजार रुपए का एफडीआर जमा करवा कर अपना रजिस्ट्रेशन करवाना होगा। इसके बाद वह एईएन दफ्तर से कनेक्शन व मीटर जारी होने के बाद पाइपलाइन से सर्विस लाइन के जरिए कनेक्शन कर सकेगा। रजिस्टर्ड प्लंबर द्वारा अवैध कनेक्शन करने या कनेक्शन करने में लापरवाही की शिकायत मिलने पर एक्सईएन को उसका रजिस्ट्रेशन निरस्त करने का अधिकार होगा। इसके साथ ही संबंधित की सुरक्षा राशि भी जब्त हो जाएगी। प्लंबर को इसकी आला अधिकारियों के पास अपील करने का हक मिलेगा।

आदेश में बताया गया कि पेयजल कनेक्शन के लिए रजिस्ट्रेशन करवाने वाले प्लंबर को 5 साल का कार्य अनुभव होना जरूरी है। सिविल इंजीनियरिंग या मैकेनिकल इंजीनियरिंग में एआईसीटीई से डिप्लोमा या इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियर्स या एआईसीटीई से नलकारी या सैनेटरी इंजीनियरिंग का प्रमाण पत्र अथवा आईटीआई या राजस्थान कौशल व आजीविका विकास निगम से नलकारी या सेनेटरी या फीटर ट्रेड का प्रमाण पत्र होने पर भी प्लंबर का रजिस्ट्रेशन हो सकेगा।