– प्रधानमंत्री बोले, कोरोना से मुख्यमंत्री योगी ने बचाई कम से कम 85 हजार जानें

– बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे से बदलेगी पिछड़े क्षेत्र के लोगों की किस्मत : मोदी

लखनऊ :- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश रोजगार योजना की शुरुआत की। इस दौरान उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर अभियान में उप्र सबसे आगे निकल चुका है। प्रधानमंत्री ने देश के अन्य राज्यों को कोरोना संकट से निपटने के गुर योगी सरकार से सीखने की सलाह भी दी है। मोदी ने कहा कि कोरोना काल में उप्र के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उनकी टीम ने जिस तरह से पूरी संवेदनशीलता के साथ काम किया वह देश ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया के लिए एक मिशाल है। उन्होंने कहा कि यूरोप के चार बड़े देश इंगलैंड, फ्रांस, इटली व स्पेन जो 250 साल तक दुनिया के सुपर पावर रहे और आज भी इनका दबदबा है। लेकिन कोरोना जैसी वैश्विक महामारी से ये अपने नागरिक नहीं बचा सके।
योगी ने कम से कम 85 हजार लोगों की बचाई जान
उन्होंने बताया कि इन चारों देशों की जनसंख्या उप्र के बराबर ही है। इन देशों में कोरोना से करीब 1.30 लाख लोगों की मौत हो गई। लेकिन, उप्र की योगी सरकार ने इनके समेत अमेरिका को भी पीछे छोड़ते हुए अपने लोगों को बचाने के लिए उद्भुत उपाय किये। उन्होंने कहा कि यद्यपि किसी भी व्यक्ति की मौत दुखद होती है, लेकिन योगी सरकार के साहसिक उपायों के चलते मात्र छह सौ लोगों की यहां जान गई। उन्होंने कहा कि उप्र सरकार ने कम से कम 85 हजार लोगों की जान बचाने में कामयाबी हासिल की है।
अन्य राज्य भी उप्र से लें सीख
प्रधानमंत्री ने कहा कि योगी सरकार ने जिस साहस के साथ कोरोना के खिलाफ लड़ाई लड़ी और इस आपदा को अवसर में बदलने का काम किया, उससे देश के अन्य राज्यों को सीख लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस संकटकाल में मुख्यमंत्री योगी और उनकी टीम ने अभूतपूर्व प्रयास करके लाखों कामगार श्रमिकों को अन्य राज्यों से अपने प्रदेश में वापस बुलाया। इसके बाद सभी कामगारों को रोजगार मुहैया कराया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि जिस समय लाखों श्रमिक उप्र लौट रहे थे उस वक्त कोरोना के संक्रमण का खतरा बढ़ गया था, लेकिन मुख्यमंत्री ने इस बड़े संकट से राज्य को उबार लिया। उन्होंने कहा कि लाखों प्रवासी कामगारों की हुनर को लेकर उप्र में जो डाटा तैयार हुआ है, वह अभूतपूर्व प्रयास है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की आत्मनिर्भर भारत योजना को योगी सरकार ने विस्तार दिया है। अपने आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश रोजगार योजना को मुख्यमंत्री ने केंद्र की योजना से जोड़कर बड़ा काम किया है।
बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे बदलेगा क्षेत्र के लोगों भाग्य 
आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश रोजगार योजना का शुभारम्भ करने के बाद प्रधानमंत्री ने राज्य के छह जिलों सिद्धार्थनगर, गोंडा, बहराइच, गोरखपुर, संत कबीरनगर और जालौन के श्रमिकों और कामगारों से वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिए बात भी की। इस दौरान मोदी ने बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे के बारे में भी चर्चा की और कहा कि यह एक्सप्रेस वे बंुदेलखंड क्षेत्र का भाग्य बदल देगा। वार्ता के क्रम में मोदी ने गोंडा की विनीता पाल, बहराइच के तिलकराम, सिद्धार्थनगर के कुर्बान अली,  जालौन के दीपू समेत अन्य कई लोगों से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने सभी के कामकाज के बारे में भी जानकारी ली।
पूर्व में उप्र के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री का स्वागत किया और आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश रोजगार योजना के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने बताया कि इस योजना के माध्यम से उनकी सरकार प्रदेश के 1.25 करोड़ कामगारों को विभिन्न परियोजनाओं में नियोजित करेगी। उन्होंने बताया कि आत्मनिर्भर भारत पैकेज के तहत प्रदेश 2.40 लाख इकाईयों को 5900 करोड़ रुपये का ऋण और 1.11 लाख नई इकाईयों को 3226 करोड़ रुपये का ऋण दिया जाएगा। आज के कार्यक्रम में विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना और एक जिला एक उत्पाद योजना के करीब पांच हजार कारीगरों को टूल किट वितरित किया गया।
मोदी ने किया सावधान, अभी कोरोना के खिलाफ जंग रहेगी जारी 
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन के दौरान लोगों को कोरोना के प्रति सावधान भी किया। उन्होंने कहा कि इस महामारी के खिलाफ लड़ाई अभी बंद नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि जब तक इस वायरस का कोई टीका अथवा वैक्सीन नहीं आ जाता तब तक बचाव ही इसका इलाज है। उन्होंने कहा कि अभी इसकी केवल एक दवाई है, जो हमें पता है। ये दवाई है दो गज की दूरी रखना और जब भी बाहर निकलें मुंह पर मास्क अथवा गमछे का इस्तेमाल करना। उन्होंने कहा कि हमें जीवन और आजीविका की लड़ाई एक साथ लड़ना है। प्रधानमंत्री ने लोगों का आह्वान किया कि वे पूरी सर्तकता के साथ इस जंग में आगे बढ़ें, उप्र और भारत कोरोना के खिलाफ चल रही लड़ाई को जीतने में अवश्य सफल होगा।