नई दिल्ली (NNI Live) :- विश्व खेलों के इतिहास में आज का दिन कुछ अप्रत्याशित घटनाओं के लिए याद किया जाता है। खासकर 1972 में हुए म्यूनिख ओलंपिक की घटना जिससे पूरी दुनिया हिल गई थी।

वर्ष 1972 में फिलीस्तान की आज़ादी का आंदोलन अपने चरम पर था पीएलओ के लड़ाके पूरी दुनिया में चरमपंथी हमलों की घटनाओं को अंजाम दे रहे थे। सितंबर 1972 में जर्मनी के म्यूनिख शहर में ओलंपिक खेल चल रहे थे। 5 सितंबर के दिन फलस्तीनी आतंकियों ने 11 इजरायली खिलाड़ियों को बंधक बनाकर उनकी हत्या कर दी थी। बाद में हैलीकॉप्टर के जरिए रेस्क्यू ऑपरेशन में पांच आतंकी और एक पुलिसकर्मी की मौत हो गई थी।

इस हमले को ‘ब्लैक सितंबर’ के रूप में याद किया जाता है। इस घटना को खेलों में हुई अब तक की सबसे बड़ी आतंकी घटना करार दिया जाता है। हादसे के दूसरे दिन मारे गए खिलाड़ियों को श्रद्धांजलि देने के बाद ओलंपिक खेल रद्द कर दिए गए थे।

बाद में इजरायली अधिकारियों से समझौते के बाद ओलंपिक खेल दोबारा शुरू हुए।

इसके अलावा आज ही के दिन 5 सितंबर 1987 को अमेरिका के टेनिस खिलाड़ी जॉन मैकनरॉय पर उनके एक बयान के लिये 17,500 डॉलर का जुर्माना ठोका गया।

वहीं, पांच सितंबर 1997 में अंतरराष्ट्रीय ओलम्पिक समिति ने सन् 2004 में होने वाले ग्रीष्म ओलम्पिक खेलों का आयोजन एथेन्स में कराने का निश्चय किया था।