जयपुर (NNI Live) :- राजस्थान के राज्यपाल कलराज मिश्र ने कहा कि मेरी प्राथमिकता है कि प्रदेश का चंहुमुखी विकास हो। इसके लिए हमें दिव्यांगों, बालिकाओं और महिलाओं को विकास की मुख्य धारा से जोड़ना है। इनकी शिक्षा के लिए विशेष प्रयास करने होंगे। गांव, शहर जहां भी ऐसी बालिकाएं जो विद्यालय नहीं जा पा रही हैं। उन्हें शिक्षा से जोड़ना है। नवजात शिशु और माताओं के स्वास्थ्य पर भी ध्यान देना मेरी प्राथमिकताओं में है।

राज्यपाल मिश्र बुधवार को अपना एक वर्ष का कार्यकाल पूरा होने पर पत्रकार से चर्चा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राज्यपाल के रूप में मैंने 9 सितम्बर, 2019 को कार्यभार ग्रहण किया। उन्होंने कहा कि संवैधानिक मर्यादाओं में रह कर मैं राज्य हित में और लोगों के लिए कार्य कर रहा हूं। राजस्थान वीरों की भूमि है, इसलिए अमर जवान ज्योति पर शहीदों को पुष्पांजलि अर्पित करके सार्वजनिक कार्यक्रमों की शुरूआत की। पिछले एक वर्ष में राज्य के 20 से अधिक जिलों का दौरा किया है। बांसवाडा के सुदूर आदिवासी गांवों में भी गया। विश्‍वविद्यालयों द्वारा गोद लिये गए गांवों का भी मैंने दौरा किया। आवश्यकता है प्रतिभाओं को एक दिशा प्रदान करने की। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती जिला जैसलमेर का दौरा भी किया। सैनिकों के साथ बैठा, बात की। उनके हाल चाल जाने। उनका हौसला बढ़ाया। सीमान्त क्षेत्रों, तनोट माता मन्दिर व भारत-पाक सीमा क्षेत्र का भी दौरा किया।

उन्होंने कहा कि जनजातीय क्षेत्रों में 40 गांवों को आदर्श गांव के रूप में विकसित करने के लिए जनजातीय क्षेत्रीय विकास विभाग को निर्देशित किया गया हैं। सैनिक कल्याण बोर्ड की लगभग पांच वर्ष के बाद मेरी अध्यक्षता में बैठक सम्पादित हुई। इसमें फौज में जाने के लिए प्रोत्साहन राशि को पांच हजार रूपये से बढ़ाकर 15 हजार रुपये करने, पूर्व सैनिकों की पुत्रियों के विवाह हेतु आर्थिक सहायता 15 हजार से बढ़ाकर 25 हजार रुपये करने, पूर्व सैनिकों के बच्चों की छात्रवृति राशि में बढ़ोतरी करने और शौर्य पदक से अंलकृत सशस्त्र सेना के कार्मिकों को राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम की बसों में निःशुल्क यात्रा कराये जाने जैसे निर्णय लिये गये।

राज्यपाल ने बताया कि पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र के साथ राजस्थान के पर्यटन विभाग का एमओयू कराया गया। जिसके अन्तर्गत राजस्थान के विभिन्न मेलों का प्रचार-प्रसार पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र द्वारा किया जायेगा तथा कलाकारों की उपलब्धता भी सुनिश्चित की जायेगी।

राज्यपाल ने राज्य सरकार द्वारा कोरोना प्रभावितों को इन्जेक्शन उपलब्ध कराने को दृष्टिगत रखते हुए 20 लाख रुपये मुख्यमंत्री सहायता कोष में दिए है। उन्होंने कहा कि कोरोना सभी के लिए खतरनाक है। प्रदेश की जनता को हर हाल में सुरक्षित रखना है। राज्य में कोरोना को हराने के लिए चिकित्सकों ने प्रभावी कदम उठाये हैं। राज्य में जागरूता के निरन्तर प्रयास किये जा रहे है। उन्होंने कहा कि राज्य विश्वविद्यालयों को स्मार्ट बनाने के लिए कुलपतियों को निर्देश दिये है। युवाओं के भविष्य को ध्यान में रखते हुए कोरोना काल की विपरित परिस्थितियों में भी विश्वविद्यालयों के दीक्षांत समारोह ऑनलाइन आयोजित कराने की पहल की है।

राज्यपाल ने श्रीराम मंदिर निर्माण पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि मुझे अवसर मिलेगा तो में अयोध्या जाऊंगा और रामलला के दर्शन करूंगा। भगवान श्रीराम हम सबके आराध्य है। प्रदेश में राजनीतिक चले राजनीतिक घटनाक्रम के दौरान राज्यपाल की भूमिका पर विपक्ष द्वारा उठाए सवाल के जवाब में मिश्र ने कहा कि मैंने जो भी किया नियमों के आधार पर किया है। किसी के दबाव में नहीं किया।