मध्य प्रदेश :- कांग्रेस नेता दिनेश गुर्जर ने एक बयान दिया था, जिसमे उन्होंने शिवराज सिंह चौहान को ”भूखा-नंगा” बताया था। इस बयान ने कांग्रेस को गरीब विरोधी बताने वाली भाजपा को बैठे-बिठाए एक हथियार दे दिया। इसके जवाब में भारतीय जनता पार्टी ने आगामी उपचुनाव में अपने चुनावी अभियान को “धरती पुत्र” शिवराज सिंह और “उद्यमी” कमलनाथ के बीच एक प्रतियोगिता के रूप में बदल दिया है।

भारतीय जनता पार्टी की राज्य इकाई के अध्यक्ष वीडी शर्मा ने कहा, ‘यह बयान इस बात का प्रतिबिंब है कि कांग्रेस जमीन से कैसे कटी हुई है और गरीबों के बारे में उसकी सोच क्या ​​है। हम एक साधारण संदेश के साथ लोगों के पास जा रहे हैं कि कमलनाथ एक सामाजिक व्यक्ति नहीं हैं, वे एक उद्योगपति (उद्यमी) हैं, जो मध्य प्रदेश में अपनी तिजोरी भरने के लिए आए थे। वह नेता नहीं, केवल एक प्रबंधक हैं जो कांग्रेस और गांधी परिवार के लिए दरबारी करते हैं।’

बीजेपी नेता ने कहा, “बुंदेलखंड क्षेत्र में स्वीकृत एक कृषि महाविद्यालय का मामला लें, इसे जबरन छिंदवाड़ा ले जाया गया। बुंदेलखंड और भिंड के लिए 1400 करोड़ रुपये की सुपर स्पेशियलिटी मेडिकल कॉलेज और सिंचाई परियोजनाएं भी छिंदवाड़ा को हस्तांतरित की गईं। पीएम आवास योजना के तहत 2.43 लाख घर नहीं बनाए जा सके क्योंकि राज्य सरकार ने इसके लिए जरूरी 24 प्रतिशत अनुदान देने से इनकार कर दिया था।”

राजनीतिक विश्लेषक शिरीष काशीकर ने कहा कि शिवराज सिंह चौहान पर कांग्रेस का यह हमला बीजेपी के फायदेमंद साबित होगा। इसके साथ ही इन इलाकों में ज्योतिरादित्य सिंधिया की अच्छी पैठ भी है। भाजपा ने सोशल मीडिया के माध्यम से प्रचार रैलियों में इस बात पर जोर दे रही है कि कैसे कमलनाथ सरकार ने पूरे राज्य की योजनाओं को छिंदवाड़ा तक के लिए सीमित कर दिया।