उज्जैन :- जहरीली झिंझर शराब से 14 मौतों के तार अब निगमकर्मियों से होते हुए खाराकुआं थाने की पुलिस तक पहुंच गए। इसके बाद निलंबित आरक्षक अनवर और नवाब के खिलाफ पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। ये दोनों सिकंदर और गब्बर के साथ जहरीली शराब व्यवसाय में सहयोग करते थे। एसपी मनोज कुमार सिंह ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि दोनों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या की धारा 304 धारा 328 आबकारी एक्ट की धारा 49 ए 3 आबकारी एक्ट में केस दर्ज किया गया है।

उज्जैन में जांच के लिए पहुंची एसआईटी के सामने खुलासा हुआ था कि जहरीली शराब बनाने से लेकर बेचने तक के खेल में दो पुलिसकर्मियों की भूमिका है। दोनों से गृह विभाग के सचिव डॉ. राजेश राजौरा ने पूछताछ भी की थी। पुलिस को इनकी एक फोटो भी मिली है, जिसमें पुलिसकर्मी नकली शराब कांड के आरोपी सिकंदर के साथ एक बर्थडे पार्टी में नजर आ रहा है।

इधर, एसआईटी में शामिल डॉ. राजौरा ने निर्देश दिए कि उज्जैन के अलावा प्रदेश में जहां भी डिनेचर्ड स्प्रिट का ये लॉट पहुंचा है, उसे तुरंत सीज करवाओ, ताकि उज्जैन जैसी घटना की पुनरावृत्ति कहीं और न हो। जहरीली शराब पीने से गुरुवार रात तक 14 मौतें हो चुकी हैं। हालांकि प्रशासन 12 ही मौतें होना बता रहे हैं।

उधर, फरार मुख्य आरोपी और नगर निगम से बर्खास्त अस्थायी कर्मचारी सिकंदर को एसआईटी ने भोपाल से शुक्रवार देर रात गिरफ्तार कर लिया। उसका दूसरा साथी अब्दुल शकीर उर्फ गब्बर भी देर रात गिरफ्त में आ गया। एसपी ने शनिवार को महाकाल थाने के भी दो आरक्षक को निलंबित कर दिया। मामले में इनकी भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है। इनके खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई शुरू हो गई है।