भोपाल(NNILive) :- शहर में शनिवार से माँ की अराधना का पर्व नवरात्रि शुरू हो गया है। मां चामुण्डा दरबार के पुजारी पंडित रामजीवन दुबे ने बताया कि नवरात्र के दूसरे दिन रविवार को ब्रह्मचारिणी माता को पूजा जाएगा। तप व संयम का आचरण करने वाली भगवती को ही ब्रह्मचारिणी कहा गया है।

देवी ब्रह्मचारिणी का स्वरूप ज्योति से परिपूर्ण व आभामय है। माता के दाहिने हाथ में जप की माला व बाएं हाथ में कमंडल है। देवी के इस स्वरूप की पूजा और साधना से कुंडलिनी शक्ति जागृत होती है।

बता दें कि, नवरात्र के पहले दिन पुराने शहर के सोमवारा चौक स्थित जय भवानी कर्फ्यू वाली माता मंदिर, कालीघाट मां, कालका माता मंदिर, मां पहाड़ा वाली मंदिर, नयापुरा कोलार रोड सहित सभी दुर्गा मंदिरों में सुबह छह बजे से श्रद्धालुओं का आना-जाना लगा रहा। पुराने व नए शहर में 1200 से अधिक स्थानों पर पंडाल सजाए गए हैं, जिनमें मातारानी को विराजित करने का सिलसिला देर रात तक चलता रहा। लेकिन इस बार कोरोना की सावधानीयों को ध्यान में रखते हुए, बिना डीजे के मातारानी को पंडालों तक ले जाया गया।

मां जगदंबे को विराजित कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई।  अधिकांश पंडालों में छह फीट ऊंची मां दुर्गा की मूर्ति विराजित की गई। इस बार हर साल की तरह बड़ी झांकियां नहीं सजाई गई हैं। मेले भी नहीं लगाए गए हैं।

मास्क लगाकर भक्त मातारानी के दरबार में आए। मंदिर प्रबंधन ने सुरक्षित शारीरिक दूरी बनाकर और मास्क लगाकर ही लोगों को मातारानी के दर्शन करने जाने दिया। लोगों ने मातारानी को जल व पुष्प अर्पित कर पूजा-अर्चना की। दुर्गा उत्सव समितियों की ओर से पंडालों में सैनिटाइजर की व्यवस्था भी की गई थी।