नई दिल्ली(NNILive) :- विशेषज्ञों का कहना है कि वायु प्रदूषण के कारण कोरोना वायरस का प्रसार और बढ़ा सकता है। इससे और ज्यादा लोग कोरोना की चपेट में आ सकते हैं। लॉकडाउन के दौरान यानी अनलॉक से पहले दिल्ली-एनसीआर की आबोहवा अच्छी थी, लेकिन रविवार सुबह राष्ट्रीय राजधानी की वायु गुणवत्ता (AQI) ‘खराब’ श्रेणी में थी। प्रदूषण की वजह से कोरोना वायरस का दूसरा पीक जल्द ही देखने को मिल सकता है।

हालांकि इस बार यह असर देश में नहीं, बल्कि महानगरों में दिखाई देगा। अब तक दुनिया के कई हिस्सों में इस बात के सबूत मिल चुके हैं कि वायु प्रदूषण के जरिए कोरोना वायरस का प्रसार होता है।

डॉक्टरों का कहना है पहला पीक लाखों लोगों को अपनी चपेट में ले चुका है। अगर सतर्कता नहीं बरती तो इसका दूसरा पीक और भी भयानक हो सकता है। केरल, छत्तीसगढ़, कर्नाटक, राजस्थान और पंजाब में दूसरा पीक भी दिखाई दिया है लेकिन राष्ट्रीय स्तर पर अभी यह दूर है।

डॉक्टरों के मुताबिक, प्रदूषण के स्तर में वृद्धि के साथ वायरल इन्फ्लूएंजा जैसी श्वसन संबंधी बीमारियां बढ़ जाती हैं। वायु की गुणवत्ता खराब होने से फेफड़ों में सूजन आ जाती है, जिससे शरीर के अंदर वायरस के घुसने में आसानी होती है। इस साल कोरोना है। आम सर्दी की तरह, प्रदूषण के स्तर में वृद्धि के साथ इस वायरस का संचरण बढ़ने की उम्मीद है। सर्दी के मौसम में हम मामलों में और वृद्धि देख सकते हैं।