कोरोना काल के चलते अब तक तमाम त्यौहार फीकी रंगत के साथ मनाये जा रहे थे। हालांकि अभी भी कोरोना काल जारी है और आने वाले दिन त्योहारों से भरे हुए है। कल देश भर में दशहरे का त्यौहार मनाया जाएगा। जिसको लेकर रावण के पुतलों को बनाने का काम जोरो पर है। सहारनपुर में अलग अलग जगह रावण दहन को लेकर तैयारियां की जा रही है। यहां मुस्लिम कारीगर आपसी सौहार्द्र की बड़ी मिसाल को सामने रख पुतले बनाने का काम करते है।

दरअसल, आपको बता दें कि सहारनपुर में पिछले कई सालों से जुबली पार्क में होने वाली रामलीला के लिए मुस्लिम समुदाय के लोग रावण के पुतले बनाने का काम करते है। इतना ही नही मुस्लिम समाज के ये कारीगर हिंदू-मुस्लिम सौहार्द की बड़ी मिसाल पेश कर रहे हैं। कारीगरों के मुताबिक रावण का पुतला 1 महीने में बनकर तैयार होता है।लेकिन इस बार कोरोना काल के चलते छोटे पुतले बनाये जा रहे है। जो की 15 दिन में तैयार किए गए है। इस बार प्रदेश सरकार द्वारा जारी कोविड-19 की गाइडलाइन के बाद रावण का पुतला सिर्फ 15 फुट का ही तैयार किया गया है।

इसके साथ ही जिन जगहों पर परमिशन होगी पुतला वही दहन किया जाएगा। पुतले बना रहे मुस्लिम कारीगरों ने बताया कि वह करीब 15 वर्षों से इस काम में जुटे हुए हैं और बड़ी जिम्मेदारी के साथ अपनी जिम्मेदारी को निभा रहे हैं। साथ ही बताया कि दूसरे धर्म के काम करने में इनको काफी अच्छा लगता है और आपसी सौहार्द की मिसाल के साथ-साथ रोजगार भी मिलता है।

इसीलिए हर साल सहारनपुर जिले में मुस्लिम कारीगर दशहरे के लिए रावण बनाते आए हैं। फिलहाल कल दशहरे के त्यौहार पर सहारनपुर में अलग अलग जगह पुतले बनाने का काम जारी है और कल तक पूर्ण रूप से पुतले बनकर तैयार हो जाएंगे।