कोलकाता :- केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने मशहूर मनोरंजक ऐप टिक टॉक सहित 59 चाइनीज मोबाइल एप्लीकेशन पर बैन लगाने के केंद्र सरकार के फैसले को चीन पर किया गया डिजिटल सर्जिकल स्ट्राइक करार दिया है। गुरुवार को उन्होंने वर्चुअल जरिए से पश्चिम बंगाल के लोगों को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने उक्त बातें कही है।

प्रसाद ने कहा कि देश के लोगों के डेटा की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए  चीनी ऐप्स पर बैन लगाया गया है जो चीन के खिलाफ एक तरह से डिजिटल स्ट्राइक थी। केंद्र में सूचना एवं प्रसारण मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि ‘भारत शांति का हिमायती है लेकिन अगर कोई हम पर बुरी नजर डालता है तो हम उसे उचित जवाब भी देंगे।’ उन्होंने कहा, ‘अब आप बस दो ‘C’ के बारे में सुन रहे होंगे- कोरोना वायरस और चीन। हम शांति और बातचीत करके समस्या सुलझाने में विश्वास रखते हैं लेकिन किसी की नजर होगी तो हम उसका सही जवाब भी देंगे। अगर हमारे 20 जवानों ने अपनी जान दी है तो चीन की तरफ इसका दोगुना नंबर है। आपने देखा होगा कि उन्होंने अपनी तरफ से कोई आंकड़े जारी नहीं किए हैं।’

इस संबोधन के दौरान केंद्रीय मंत्री ने नरेंद्र मोदी सरकार की 6 सालों के उपलब्धियों का जिक्र किया और कहा कि पिछले एक साल में केंद्र सरकार ने कई ऐतिहासिक काम किए हैं जिसमें तीन तलाक पर बैन, जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 को निष्प्रभावी करना, राम मंदिर निर्माण से लेकर पाकिस्तान में सर्जिकल स्ट्राइक समेत कई अन्य उपलब्धियां शामिल हैं।

केंद्र सरकार ने 59 चीनी मोबाइल ऐप्स पर रोक लगा दी थी, जिसमें टिक टॉक, यूसी ब्राउज़र, शेयर इट, हेलो और लाइकी जैसे बहुत सारे पॉपुलर ऐप्स शामिल थे। सरकार की ओर से कहा गया था कि देश में डेटा और प्राइवेसी सेफ्टी को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। इसके बाद मंगलवार को इंटरनेट कंपनियों को एक आदेश जारी किया गया था, जिसमें कहा गया था कि वो इन ऐप्स पर रोक लगाएं। ये सारे मोबाइल एप्लीकेशन प्ले स्टोर पर मौजूद तो हैं लेकिन चल नहीं रहे हैं।