पेरिस (NNI Live) :- फ्रांस के नीस शहर में एक चर्च के बाहर दो महिलाओं समेत तीन लोगों की हत्या से पूरे देश में आक्रोश है। फ्रांस ने इसे आतंकी घटना करार दिया है। इसको लेकर दुनिया के तमाम मुल्क फ्रांस के साथ खड़े नजर आ रहे हैं।

यूएई के विदेश मंत्रालय ने आतंकवाद के खिलाफ इन आपराधिक कृत्यों की कड़ी निंदा करते हुए बयान जारी किया है। मंत्रालय ने कहा कि वो हिंसा के सभी रूपों को स्थायी रूप से खारिज करता है।

वहीं ईरान के विदेश मंत्री जवाद जरीफ ने इस घातक चाकू हमले की निंदा की है। उन्होंने ट्वीट कर कहा है, हम नीस शहर में हुए आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा करते हैं।

भारत ने किया फ्रांस का समर्थन
इसी बीच इस्लामिक आतंक के खिलाफ फ्रांस को भारत, अमेरिका और यूरोपीय संघ जैसी बड़ी महाशक्तियों का साथ मिला है. पीएम नरेंद्र मोदी ने ट्वीट करके कहा, ‘मैं आज नीस में चर्च के भीतर हुए नृशंस हमले समेत फ्रांस में हुए हालिया आतंकी हमलों की कड़ी निंदा करता हूं. पीड़ितों के परिवार वालों और फ्रांस के लोगों के साथ हमारी संवेदना. आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत फ्रांस के साथ है.’

ट्रंप ने भी की हमले की निंदा

भारत के प्रधानमंत्री के सा​थ ही अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने भी इस्लामी आतंकवाद के खिलाफ आवाज बुलंद की है. ट्रंप ने कहा, ‘ हमारा दिल फ्रांस के लोगों के साथ है. अमेरिका इस लड़ाई में हमारे सबसे पुराने सहयोगी के साथ खड़ा है. इन कट्टरपंथी इस्लामिक आतंकवादी हमलों को तुरंत रोकना चाहिए. कोई भी देश, फ्रांस या कोई और लंबे समय तक नहीं रख सकता है.’

यूरोपीय संघ भी फ्रांस के साथ
वहीं 27 यूरोपीय देशों के शक्तिशाली संगठन यूरोपीय संघ ने इस्लामिक आतंकवाद के खिलाफ फ्रांस का समर्थन करते हुए बयान जारी किया है। यूरोपीय संघ ने कहा कि इन बर्बर आतंकी हमलों के खिलाफ वह फ्रांस की जनता और सरकार के साथ खड़ा है। आतंकवाद और हिंसात्मक अतिवाद के खिलाफ फ्रांस की इस लड़ाई में वह उसके साथ है। यूरोपीय संघ ने कहा कि आपसी मतभेद बढ़ाने के बजाय दुनिया के देश सामने आकर इस समस्या का हल ढूंढने में सहयोग करें।

फ्रांस ने स्कूलों और धार्मिक जगहों पर बढ़ाई सुरक्षा

नीस में इस आतंकी हमले के बाद फ्रांस ने इस्लामिक आतंक पर अपना रूख और सख्त कर लिया है। राष्ट्रपति इमैन्युअल मैक्रों ने देश में सुरक्षा का स्तर बढ़ाने और इस्लामिक आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई तेज करने का आदेश दिया है। राष्ट्रपति के आदेश के बाद अब फ्रांस के प्रमुख स्थानों पर सैनिकों की तैनाती की जाएगी। इन स्थानों में स्कूल और धार्मिक स्थान शामिल रहेंगे। इसके साथ ही सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा के लिए तैनात सैनिकों की संख्या भी 3 से बढ़ाकर 7 हजार की जाएगी।