सुल्तानपुर (NNI Live) :- जिले की ऐतिहासिक दुर्गा पूजा भी वैसे कोरोना वायरस की भेंट चढ़ गई है। इसके बावजूद भक्तों का उत्साह कम नहीं हुआ है। घरों, दुकानों में लगभग दो दर्जन मूर्ति सजी हैं। इस अवसर में भी पूरे माता के पाण्डाल को कोरोना अस्पताल का स्वरूप दिया गया है। प्रसाद के रूप में मास्क दिया जा रहा है। जागरुकता की मिशाल पेश करती यह पाण्डाल लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।

पूरा विश्व इस वक्त कोरोना संक्रमण काल से गुजर रहा है। जिले में आयोजित होने वाली ऐतिहासिक दुर्गा पूजा भी इससे अछूती नहीं है। ऐसे में इस महामारी से बचने और लोगों को सतर्कता बरतने के लिए सरकार और सामाजिक संगठन की ओर से लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इस क्रम में नगर के राहुल चौराहा स्थित अष्टभुजी रानी माता पूजा समिति के सदस्य भी लोगों को कोरोना से बचाव के लिए जागरूक कर रहे हैं। इसके लिए पूरे पूजा पाण्डाल को कोरोना केयर हॉस्पिटल में तब्दील कर लोगों को जागरूक करने के लिए स्लोगन लिखा गया है ताकि लोग सतर्क रहें और इस संक्रमण की चपेट से बचने के लिए एहतिहात बरतें।

पूजा समिति के व्यवस्थापक सारथी कसौधन ने बताया कि प्रसाद में भी रोज लोगों को मास्क का वितरण किया जाता है। मास्क पहनने एवं सोशल डिस्टेंसिंग के बारे में बताया समझाया जा रहा है ।

सुलतानपुर में पूर्णिमा को होता है मूर्तियों का विसर्जन
जिले की ऐतिहासिक दुर्गा पूजा है। पूरे देश में माता दुर्गा की प्रतिमाओं का विसर्जन दशमी को हो जाता है लेकिन इस जिले में विसर्जन ठीक 5 दिन बाद पूर्णिमा किया जाता है। इस बार कोरोना के कारण कहीं कोई विशेष इंतजाम तो नहीं किए गए हैं मगर नगर के कई घरों, दुकानों में माता का दरबार सजा है। अब 31 अक्टूबर को दुर्गा की मूर्तियों की विसर्जन यात्रा निकलेगी।

जिलाधिकारी रवीश गुप्ता ने बताया कि दुर्गा पूजा विसर्जन को लेकर सीता कुंड धाम पर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। नदी के किनारे बांस बल्ली से बैरिकेटिंग की गयी है। कुंड में पानी भर दिया गया है।