नई दिल्‍ली :- रिलायंस इंडस्‍ट्रीज के जियो प्‍लेटफॉर्म्‍स में निवेश का सिलसिला लगातार जारी है। अब अमेरिकी सेमीकंडक्‍टर कंपनी इंटेल कॉर्प जियो प्‍लेटफॉर्म में 0.39 फीसदी हिस्सेदारी के लिए 1,894.5 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। इसके साथ ही इंटेल फेसबुक के बाद जियो प्‍लेटफॉर्म्‍स में निवेश करने वाली दूसरी स्ट्रेटजिक इनवेस्टर बन गई है। ये आरआईएल की डिजिटल इकाई में बड़ा निवेश माना जा रहा है।

रिलायंस जियो का इंटेल के साथ ये सौदा पिछले 11 हफ्तों में 12वां निवेश है, जिसमें रिलायंस इंडस्‍ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) ने जियो प्‍लेटफॉर्म्‍स में कुल 25.09 फीसदी हिस्‍सेदारी बेची है। दरअसल आरआईएल ने फेसबुक के नेतृत्व वाले दुनिया के कुछ प्रमुख टेक निवेशकों से संयुक्त रूप से 117,588.45 करोड़ रुपये जुटाए हैं। बता दें कि 22 अप्रैल को फेसबुक ने जियो प्‍लेटफॉर्म्‍स में 43,574 करोड़ रुपये निवेश किया था।

इस डील पर रिलायंस के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने कहा है कि ग्लोबल टेक कंपनियों के लिए इंटेल अहम साझेदार है। इंटेल के साथ साझेदारी का देशवासियों को फायदा होगा। इस साझेदारी से टेक क्षमता के विस्तार में मदद मिलेगी। वहीं, इस डील पर इंटेल का कहना है कि सस्ती डिजिटल सेवाओं पर जियो का फोकस है। इस निवेश से भारत की डिजिटल सेवा में बड़ा योगदान मिलेगा, जिससे लोगों की जिंदगी बेहतर होगी।

गौरतलब है कि अमेरिकी कंपनी इंटेल कॉर्प सेमीकंडक्टर उद्योग में सबसे आगे है। ये कंपनी कंप्यूटिंग और संचार प्रौद्योगिकी के साथ डेटा-केंद्रित फ्यूचर के लिए भी काम करता है, जोकि ग्लोबल इनोवेशन की नींव है। वहीं, इंटेल भारत में पिछले दो दशकों से ज्‍यादा समय से कारोबार कर रहा है। कंपनी की बेंगलुरु और हैदराबाद में अत्याधुनिक डिजाइन सुविधाओं के साथ हजारों कर्मचारी काम करते हैं।

उल्‍लेखनीय है कि आरआईएल की डिजिटल कंपनी जियो प्‍लेटफॉर्म्‍स में दुनियाभर की कई कंपनियों और निवेशकों ने निवेश किया है। इसमें फेसबुक के बाद जनरल अटलांटिक, केकेआर, सऊदी सॉवरेन वेल्थ फंड, अबू धाबी स्टेट फंड और सऊदी अरब के पीएफआई शामिल हैं।