राजस्थान (NNI Live) :- राजस्थान में आरक्षण की मांग और बैकवर्ड क्लस में बैंकलॉग की भर्तियों को लेकर गुर्जरों ने फिर से आंदोलन शुरु कर दिया है। रविवार को भरतपुर के बयाना में कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला गुट के लोग पीलूपुरा के पास रेलवे ट्रैक पर धरने पर बैठ गए। आरक्षण की मांग को लेकर उनके आंदोलन ने भारतीय रेलवे की लाइफलाइ कही जाने वाली दिल्ली-मुंबई रेलवे लाइन को एक बार फिर से जाम कर दिया है। साथ ही गुर्जर समुदाय के लोगों ने हिंडोन-बयाना सड़क मार्ग पर भी जाम लगा दिया है। ऐसे में आम लोगों को इससे काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

गुर्जर आंदोलन के साथ ही वहां पर सियासत ने भी नया रंग आ गया है। जहां अपनी मागों को लेकर गुर्जर समाज आंदोलन के पास पटरियों पर जमा रहे, वहां धरनान आज भी जारी है। गुर्जर समाज के लोगों ने गहलोत सरकार के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। इसी मुद्दे को लेकर दूसरी तरफ बीजेपी भी कांग्रेस और वहां के सीएम गहलोत को इस मुद्दे पर घेरने लगी है। बीजेपी ने इस मुद्दे के बाद एक बार फिर प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाया है। हालांकि सरकार की ओर से अभी भी गुर्जर समाज के नेताओं से बातचीत का सिलसिला चल रहा है।

बढ़ाई इंटरनेट सेवा बंद रखने की अवधि
गुर्जर आंदोलन को देखते हुए भरतपुर, करौली, सवाईमाधोपुर और दौसा जैसे जिलों में इंटरनेट सेवा बंद रखनेकी अवधि बढ़ा दी गई है। इसके अलावा जयपुर जिला प्रशासन ने जिले की 5 तहसीलों में इंटरनेट सेवा बंद रखने की अवधि बढ़ाई है। अब सोमवार शाम 6 बजे तक कोटपूतली, पावटा, शाहपुरा, विराटनगर और जमवारामगढ़ में इंटरनेट सेवा बंद रहेंगी।

आपको बता दें कि गुर्जर आंदोलन शुरू करने से पहले समाज के नेता कर्नल किरोड़ी बैंसला ने गहलोत सरकार के मंत्री अशोक चांदना को वार्ता के लिए आमंत्रित किया था। लेकिन चांदना का कहना है कि मैं आंदोलन स्थल से एक किलोमीटर दूरी पर था, लेकिन भारी जाम के कारण आगे नहीं जा सका ।

रविवार शाम ढलते- ढलते शुरू हुआ गुर्जर आंदोलन प्रदेश में जारी है। अभी भी आंदोलनकारियों ने रेलवे की पटरियों पर कब्जा जमा रखा है। वहीं कुछ स्थानों पर पटरियों की फिश प्लेट निकालकर उन्हें ट्रेक से अलग कर दिया है। लिहाजा 60 ट्रेनें प्रभावित हुई है। इसमें 40 मालगाड़ियां भी है। सात ट्रेनों के रूट को भी डायवर्ट किया जा चुका है। इसके अलावा 220 बसों के पहिये भी एक नवंबर से थमें हुए हैं।