नई दिल्ली (NNI Live) :- देशभर में फैले कोरोना वायरस से उद्योग-धंधों को पटरी पर लाने और युवाओं के रोजगार के लिए सरकार एक और राहत पैकेज ला सकती है. वित्त सचिव अजय भूषण पांडेय ने रविवार को इस बारे में जानकारी दी है. वित्त सचिव के मुताबिक, सरकार एक दूसरे स्टिमुलस पैकेज पर काम कर रही है. ये पैकेज कब तक आएगा इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है.

अर्थव्यवस्था के ताजा हालात पर वित्त सचिव ने कहा कि देश की इकोनॉमी रिकवर हो रही है और सतत विकास की तरफ बढ़ रही है, यानी अगले कुछ वक्त में इसमें लगातार स्थिरता देखने को मिल सकती है. उन्होंने बताया कि अक्टूबर महीने में जीएसटी संग्रह (GST revenue) बढ़कर 1,05,155 करोड़ रुपए रहा है, जो पिछले साल के इसी महीने के कुल जीएसटी संग्रह से 10 प्रतिशत अधिक है. फरवरी के बाद पहली बार जीएसटी संग्रह का आंकड़ा एक लाख करोड़ रुपये के पार निकला है. वहीं, सितंबर के महीने में 95,480 करोड़ के जीएसटी कलेक्शन के साथ चार प्रतिशत ग्रोथ देखने को मिली है. उन्होंने बताया कि देश में बिजली उपभोग, निर्यात और आयात में तेजी देखी गई है.

उन्होंने कहा, ‘सितंबर और अक्टूबर के आंकड़े दिखाते हैं कि हम कोविड-19 के पहले वाली स्थिति में पहुंचकर एक सकारात्मक स्थिति में दाखिल हो चुके हैं. हर पिछले साल से तुलना करें तो सितंबर के ई-वे बिल में ईयर-ऑन-ईयर 10 फीसदी की बढ़ोतरी दिखी है, वहीं अक्टूबर में इसकी ग्रोथ 21 फीसदी रही है.

सरकार स्थिति की कर रही जांच
वित्त सचिव अजय भूषण पांडे ने एएनआई को दिए एक इंटरव्यू में बताया कि सरकार लगातार जमीनी स्तर तक स्थिति की निगरानी कर रही है. इसके साथ ही इकोनॉमी को बूस्ट देने के लिए और सेक्टर के हिसाब से मदद मुहैया कराने का प्लान कर रही है. साथ ही उन्होंने कहा कि हम उद्योग निकायों, व्यापार संघों, विभिन्न मंत्रालयों से सुझाव समय-समय पर लेते रहते हैं.

विकास की ओर बढ़ रही अर्थव्यवस्था
इकोनॉमी की वर्तमान स्थिति पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि अर्थव्यवस्था ठीक होने की राह पर है. सरकार की ओर से किए जा रहे लगातार प्रयासों से इकोनॉमी विकास की ओर बढ़ रही है. इसके अलावा अक्टूबर का जीएसटी संग्रह 105,155 करोड़ रुपये रहा है, जो पिछले साल के इसी महीने के लिए सालाना आधार पर 10 फीसदी अधिक है. इसके अलावा, देश ने बिजली की खपत, निर्यात और आयात में वृद्धि देखी है.