नई दिल्ली (NNI Live) :- भारत के साथ-साथ अब नेपाल से भी जमीन विवाद को लेकर चीन से तल्खी बढ़ने की खबरों के बीच भारतीय सेना प्रमुख एमएम नरवणे बुधवार से नेपाल की तीन दिन की यात्रा पर हैं। उनकी यह यात्रा नेपाली सेना के अध्यक्ष के बुलावे पर हो रही है, वहां उन्हें जनरल रैंक की मानद उपाधि से सम्मानित किया जाना है। नरवणे का यह तीन दिनों का दौरा 6 नवम्बर तक रहेगा।

भारतीय सेना प्रमुख मनोज मुकुंद नरवणे तीन दिनों के नेपाल दौरे पर पीएम केपी ओली और नेपाल को रक्षा मंत्री के साथ मुलाकात करेंगे। इसके अलावा वहां पर जनरल पूरन सिंह थापा से मुलाकात भी करेंगे। तीन दिनों के दौरे के दौरान आर्मी चीफ नेपाल में सेना के आर्मी कमांडर एंड स्टाफ कॉलेज में छात्र और अधिकारियों को संबोधित करेंगे। नरवणे को वहां ‘द जनरल ऑफ द नेपाल आर्मी’ की मानद उपाधि से सम्मानित किया जाना है।

जनरल एमएम नरवणे ने अपनी यात्रा से पूर्व नेपाली सेना के निमंत्रण पर जाने और अपने समकक्ष जनरल पूर्ण चंद्र थापा से मिलने पर खुशी जताते हुए कहा कि मुझे यकीन है कि यह यात्रा दो सेनाओं को संजोने के लिए दोस्ती के बंधन को मजबूत करने में एक लंबा रास्ता तय करेगी। उन्होंने कहा कि वह बहुत खुशनसीब है कि भारत-नेपाल के रिश्तों को मजबूत करने के लिए वहां पर जा रहे हैं। उन्होंने इस बात के लिए भी आभार जताया कि नेपाल सरकार ने उन्हेंं नेपाली सेना के जनरल के मानद रैंक से सम्मानित किए जाने का फैसला लिया। निमंत्रण मिलने के बाद से मैं इस यात्रा का बेसब्री से इंतजार कर रहा था।

दोनों देशों की सेनाओं के बीच मजबूत रिश्तों की पहचान के तौर पर दिया जाने वाला ‘द जनरल ऑफ द नेपाल आर्मी’ की मानद उपाधि का परंपरागत सम्मान एक समारोह में नेपाली राष्ट्रपति विद्या देवी भंडारी जनरल नरवणे को देंगी। इस सम्मान की शुरुआत 1950 में की गई थी। भारत भी नेपाल के सेना प्रमुख को ‘जनरल ऑफ इंडियन आर्मी’ की मानद रैंक देकर सम्मानित करता है।