नई दिल्ली :- प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आषाढ़ पूर्णिमा/गुरु पूर्णिमा के अवसर पर भगवान बुद्ध के उपदेशों और उनके दिखाए अष्टमार्ग पर चलने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि दुनिया आज असाधारण चुनौतियों से लड़ रही है और इसका समाधान भगवान बुद्ध के आदर्शों से मिल सकता है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘मैं आज आषाढ़ पूर्णिमा के अवसर पर सभी को अपनी शुभकामनाएं देना चाहता हूं। इसे गुरु पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है। यह हमारे गुरुओं को याद करने का दिन है, जिन्होंने हमें ज्ञान दिया। उस भावना से, हम भगवान बुद्ध को श्रद्धांजलि देते हैं।

मोदी ने कहा कि भगवान बुद्ध का दिखाया अष्टमार्ग समाज और राष्ट्र के कल्याण का रास्ता दिखाता है। करुणा और दया के महत्व को दर्शाने वाली बुद्ध की शिक्षाएं विचार और क्रिया दोनों को प्रभावित करती हैं। आज दुनिया असाधारण चुनौतियों से लड़ रही है। इसका समाधान भगवान बुद्ध के आदर्शों से आ सकता है, जो हमेशा से प्रासंगिक थे।

उल्लेखनीय है कि भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के तत्वावधान में अंतरराष्ट्रीय बौद्ध परिसंघ (आईबीसी) चार जुलाई को धर्म चक्र दिवस के रूप में आषाढ़ पूर्णिमा मना रहा है। यह दिवस उत्तर प्रदेश में वाराणसी के निकट सारनाथ में ऋषिपत्तन स्थित हिरण उद्यान में आज के दिन महात्मा बुद्ध द्वारा प्रथम पांच शिष्यों को दिए गए ‘प्रथम उपदेश’ को ध्यान में रखकर मनाया जाता है। आज के दिन को दुनियाभर के बौद्ध धर्म चक्र प्रवर्तन दिवस के रूप में भी मनाते हैं। जबकि हिंदु आज के दिन को ‘गुरु पूर्णिमा’ के रूप में मनाते हैं।