लखनऊ (NNI Live) :- CAA-NRC कानून पर हिंसा फैलाने वाले आरोपियों के खिलाफ यूपी पुलिस की कार्रवाई एक बार फिर शुरू हो गई है. पुलिस ने लखनऊ में कई जगह आरोपियों के पोस्टर्स लगाकर लोगों से उनकी सूचना देने की अपील की है. इसके साथ ही एक आरोपी जैनब सिद्दीकी के न मिलने पर उनके पिता को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है।

हिंसा में सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप में लखनऊ पुलिस पिछले दिनों में कई लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। वहीं, कई आरोपियों की संपत्ति कुर्क कर हुए नुकसान की भरपाई की गई है।

यूपी पुलिस ने पुराने लखनऊ में कई जगह मौलाना सैफ अब्बास समेत हिंसा आरोपियों के पोस्टर लगाए हैं। इन पोस्टरों में 12 आरोपियों के फोटो हैं। इनमें से 8 आरोपियों को वांटेड घोषित करते हुए 5-5 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है। इसके साथ ही उन पर गैंगस्टर एक्ट और गुंडा एक्ट जैसी कार्रवाई भी की गई है। पुलिस का आरोप है कि पोस्टर में दिखाए गए सभी आरोपी पिछले साल 19 दिसंबर को हुई CAA विरोधी हिंसा में शामिल थे। इस हिंसा में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी और करोड़ों रुपये की संपत्ति डैमेज हो गई थी।

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने बताया था गलत
बता दें कि इलाहाबाद हाई कोर्ट ने इसी साल यूपी सरकार की आलोचना करते हुए लखनऊ प्रशासन को चौराहों से हिंसा आरोपियों की होर्डिंग हटाने का आदेश दिया था। जिसके बाद यूपी सरकार ने फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की। यह अपील सुनवाई के लिए अब भी पैंडिंग है।