अरूसा ने कहा किजब 2006 में वह पहली बार कैप्टन से मिलीं तो उनकी उम्र 50+ थी जबकि अमरिंदर 60+ के रहे होंगे। इस लिहाज से अगर आप इसे रोमांटिक एंगल देकर लव अफेयर का नाम देते हैं तो ये सरासर गलत है। वह कैप्टन के परिवार के साथ वक्त बिताती रही हैं, केवल महारानी परनीत कौर को छोड़कर।

पाकिस्तान की पत्रकार अरूसा आलम का कहना है कि वह खुशकिस्मत हैं जो उन्हें कैप्टन अमरिंदर सिंह जैसा दोस्त मिला। उनका कहना था कि पूर्व सीएम से उनकी इस वजह से ज्यादा निभती है क्योंकि उनका IQ लेवल सेम है। अरूसा फिलहाल इस्लामाबाद में हैं। इंडियन एक्सप्रेस से विशेष बातचीत में उन्होंने कहा कि उनका भारत आने का इरादा नहीं है। पंजाब में जो राजनीति हो रही है उससे उनका मन आहत हुआ है।

अरूसा ने कहा किजब 2006 में वह पहली बार कैप्टन से मिलीं तो उनकी उम्र 50+ थी जबकि अमरिंदर 60+ के रहे होंगे। इस लिहाज से अगर आप इसे रोमांटिक एंगल देकर लव अफेयर का नाम देते हैं तो ये सरासर गलत है। वह कैप्टन के परिवार के साथ वक्त बिताती रही हैं, केवल महारानी परनीत कौर को छोड़कर। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि वह जब पटियाला के मोती बाग महल में ठहरती थीं तो उनकी परनीत कौर से मुलाकात होती थी, लेकिन बाद में ये सिलसिला रुक गया। हालांकि उन्होंने कहा कि परनीत अच्छी होस्ट हैं।

उन्होंने कहा कि कैप्टन से उनका रिश्ता बेहद खूबसूरत रहा है। उन्हें कैप्टन की बागवानी और कुकिंग बेहद पसंद है। वो भी मेरी कई चीजों को पसंद करते हैं। इसमें से एक चीज लेखन है। इतने साल के दौरान वो बहुत अच्छे दोस्तों की तरह से रहे। जब भी वो भारत आईं तब कैप्टन और उनके परिवार से मिलीं। अरूसा ने कहा कि उन्हें ये देखकर बुरा लगा कि अमरिंदर को कांग्रेस ने दूध में पड़ी मक्खी की तरह से निकालकर फेंक दिया। ये रवैया बिलकुल गलत था। लेकिन उन्होंने सोते शेर को जगा दिया है। जगाया ही नहीं बल्कि उसकी पूंछ पर भी चोट की है। नतीजा कुछ भी रहे लेकिन कैप्टन अब चुप बैठने वाले नहीं हैं। वो अपने अपमान का बदला लेकर रहेंगे ही।

नवजोत सिंह सिद्धू पर बरसते हुए उन्होंने कहा कि इस शख्स को बोलने का सलीका भी नहीं है। अमरिंदर उसके पिता या दादा की उम्र के हैं। फिर भी वह उनके लिए जैसे लफ्जों का इस्तेमाल करता है उसे देखकर नहीं लगता कि राजनीति में ये लंबा चलने वाला है। अरूसा ने कहा कि सिद्धू से उनकी एक बार मुलाकात हुई है। उनकी पत्नी के आरोपों पर पाक पत्रकार का कहना था कि उनकी क्या हैसियत थी जो वह सरकार के कामों में दखल देतीं। उन्होंने कहा कि मोहतरमा नवजोत कौर के हाथों में 60 मासूम लोगों का खून है। ध्यान रहे कि नवजोत कौर के प्रोग्राम के दौरान ट्रेन से कटकर 60 लोगों की मौत हो गई थी। तब अमृतसर में दशहरा महोत्सव चल रहा था। हालांकि इस मामले में उन्हें मजिस्ट्रेट ने क्लीन चिट दे दी है।

अरूसा ने पंजाब के डिप्टी सीएम सुखजिंदर सिंह रंधावा के साथ पुलिस के अफसर रहे मुस्तफा को भी आड़े हाथ लिया। उनका कहना था कि मुस्तफा को लगता है कि उनकी वजह से दिनकर गुप्ता को डीजीपी की कुर्सी मिली। लेकिन इसमें इनका कोई रोल नहीं है। उनका कहना है कि मुस्तफा और उनकी पत्नी रजिया सुल्ताना से वह कई बाक मिली हैं। वह उन्हें अपनी बहन कहकर बुलाते थे। रंधावा को लेकर उनका कहना था कि देखने में वह शालीन लगते हैं लेकिन उनकी बातें चुभने वाली हैं। रंधावा से वह एक या दो बार ही मिली हैं।

अरूसा का कहना है कि वह पिछले साल नवंबर से पाकिस्तान में हैं। उनकी बहू को बच्चा हुआ था। उसके बाद से वह भारत नहीं आईं। उन्होंने इस बात पर नाराजगी जताई कि लोग कह रहे हैं कि साढ़े चार साल सरकार ने आरूसा को रखा। उनका सवाल था कि बाकी के 10 सालों के बारे में वो क्या बोलेंगे। तब तो कैप्टन सीएम नहीं थे। उन्होंने कहा कि उन्हें यूपीए और एनडीए दोनों की सरकारों ने वीजा दिया। अफसरों ने बाकायदा जांच के बाद यह फैसला लिया। तो क्या आईएसआई और रॉ में मिली भगत है। आज कैप्टन साहब ने कहा कि वीजा फिर से मिलने शुरू हो गए हैं। उन्होंने मुझे भारत आने का निमंत्रण दिया। उसके बाद ही मैने अपनी कहानी को सामने लाने का फैसला किया। अब उनका भारत या फिर पंजाब में फिर से लौटकर आने का कोई इरादा नहीं है।