लखनऊ (NNI Live) :- उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ और गौतमबुद्धनगर (नोएडा) में राज्य सरकार ने 13 जनवरी को कमिश्नरी प्रणाली लागू करने का निर्णय लिया था। 14 जनवरी से इसे लागू कर दिया गया। पुलिस कमिश्नरी बनने के बाद राजधानी लखनऊ में सभी प्रकार के अपराधों में कमी आयी है। यही हाल गौतमबुद्धनगर का भी है। लखनऊ व गौतमबुद्धनगर में सफलता के बाद अब संभावना बढ़ गयी है कि कानपुर-वाराणसी में भी जल्द पुलिस कमिश्नरी प्रणाली लागू होगी।

पुलिस कमिश्नरी प्रणाली को छह महीने पूरे होने पर दोनों महानगरों के पुलिस कमिश्नर ने अपनी रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेजी है। बताया जा रहा है कि लखनऊ और गौतमबुद्धनगर में पुलिस कमिश्नर प्रणाली लागू करने का निर्णय अपराध नियंत्रण के लिहाज से सफल साबित हुआ है। यातायात व्यवस्था में भी सुधार हुआ है।

अपराधों में आयी कमी

दोनों महानगरों के पुलिस कमिश्नरेट के छह महीने पूरे होने पर विभाग की ओर से तुलनात्मक क्राइम डाटा जारी किया है। लखनऊ में लूट, हत्या, डकैती व अन्य तरह के अपराधों में पिछले वर्ष की तुलना में बीते छह माह में कुल अपराध में 45.09 फीसद की कमी दर्ज की गई है। डकैती में 75 फीसद, लूट में 55.5 फीसद, हत्या में 34.37 फीसद, वाहन चोरी में 55.47 फीसद, अपहरण में 38.49 फीसद व दुष्कर्म में 33.33 फीसद की कमी आने का दावा किया गया है। बड़ी राहत चेन व पर्स लूट की घटनाओं में मिली है। वर्ष 2019 में इन घटनाओं में रिकवरी प्रतिशत जहां 19.22 फीसद था, वह इस वर्ष बढ़कर 87.93 फीसद हो गया है। इसमें 14 जनवरी से 14 जुलाई के बीच हुए अपराध की तुलना 2018 और 2019 के साथ कि गई है

यह दोनों महानगरों के आकड़े

लखनऊ कमिश्नरी प्रणाली लागू हुई है उसमें 29 पुलिस कार्रवाई, 63 अभियुक्त गिरफ्तार, 24 अभियुक्त घायल और 02 मारे गए। इस कार्रवाई में 06 पुलिस कर्मी घायल हुये हैं।

गौतमबुद्ध नगर कमिश्नरी 354 पुलिस कार्रवाई, 711 अभियुक्त गिरफ्तार, 286 अभियुक्त घायल और 06 मारे गए। इस कार्रवाई में 43 पुलिस कर्मी घायल हुए हैं। ये आकड़े जब से पुलिस कमिश्नर प्रणाली लागू हैं।

कानपुर व वारणासी में भी लागू होगी कमिश्नरी प्रणाली

अपर पुलिस महानिदेशक कानून एवं व्यवस्था प्रशांत कुमार का कहना है कि लखनऊ और गौतमबुद्धनगर में पुलिस कमिश्नरी प्रणाली लागू होने के बाद अच्छे परिणाम मिले हैं। उम्मीद यह है कि जल्द ही कानपुर, वाराणसी और अन्य महानगरों में भी कमिश्नरी प्रणाली लागू की जा सकती हैं। बताते चलें जब शासन ने लखनऊ और नोएडा में कमिश्नरी प्रणाली लागू किया था तब कहा गया था कि अगर यह प्रणाली सफल होती है तो अन्य महानगरों में इस प्रणाली को लागू किया जाएगा।