लखनऊ :- (NNI Live) :- इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने उत्तर प्रदेश पॉवर कारपोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल) द्वारा आयोजित सहायक अभियंता परीक्षा 2019 में गड़बड़ी के संबंध में उमेश मंगल द्वारा दायर याचिका पर 10 दिनों में जवाब मांगा है।

जस्टिस अब्दुल मोईन की बेंच ने यह आदेश याची की अधिवक्ता डॉ. नूतन ठाकुर तथा शासकीय अधिवक्ता को सुनने के बाद दिया। नूतन ने कोर्ट को बताया कि इस परीक्षा में 200 अंक की लिखित और 25 अंक का इंटरव्यू था, जिसमें अभ्यर्थियों के अंक गोपनीय रखे गए।

आरटीआई से प्राप्त सूचना के अनुसार उमेश मंगल को लिखित परीक्षा में 154 व इंटरव्यू में मात्र 03 अंक मिले जबकि उसका चयन यूपीएससी द्वारा आयोजित इंडियन इंजीनियरिंग सर्विस में भी हो चुका है। एक अभ्यर्थी वीरेंद्र कुमार सिंह को लिखित परीक्षा में सर्वाधिक 158 अंक और इंटरव्यू में शून्य अंक दिया गया। इसी प्रकार तमाम अन्य अभ्यर्थियों को लिखित में काफी अच्छे अंक के बाद भी इंटरव्यू में काफी कम अंक मिले और उनका चयन बहुत कम अंक से रह गया। इसलिए कोर्ट से दोबारा इंटरव्यू लेकर परिणाम घोषित करने की प्रार्थना की गयी है।