लखनऊ (NNI Live) :- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि समाज में एक तबका अगर मजबूत हो जाए और एक तबक कमजोर हो, तो समाज कभी भी आत्मनिर्भर समाज नहीं कहा जा सकता है। समाज में एक सन्तुलन होना चाहिए। ये सन्तुलन न केवल सामाजिक स्तर पर बल्कि आर्थिक स्तर पर भी होना चाहिए। आर्थिक स्तर पर इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि आर्थिक समानता ही सामाजिक समानता का आधार बनती है।
मुख्यमंत्री शनिवार को अनुसूचित जाति के गरीब व्यक्तियों के सर्वांगीण विकास के लिए ‘नवीन रोजगार छतरी योजना’ का अपने सरकारी आवास 5, कालिदास मार्ग पर आयोजित कार्यक्रम में शुभारम्भ करने के दौरान बोल रहे थे। इस दौरान उन्होंने पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्वरोजगार योजना के 3,484 लाभार्थियों को 17.42 करोड़ की धनराशि का ऑनलाइन हस्तान्तरण किया। कार्यक्रम में समाज कल्याण मंत्री रमापति शास्त्री भी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर अनुसूचित जाति से जुड़े हमारे लोग आर्थिक रूप से समाज की मुख्य धारा से जुड़ जाएंगे तो सामाजिक रूप से उनके साथ भेदभाव करने का कोई दुस्साहस नहीं कर पाएगा। यही समपना डॉ. भीमराव आम्बेडकर ने देखा था। यही सपना सामाजिक अस्पृश्यता और भेदभाव के खिलाफ आवाज उठाने वाले महापुरुषों ने देखा था। आज यही लक्ष्य प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हम सबको देखा है।
इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में हम कोरोना के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे हैं। पूरी दुनिया इससे त्रस्त है। इन परिस्थितियों में आर्थिक, सामाजिक व अन्य सभी प्रकार की व्यवस्थाएं प्रभावित हुई हैं। रोजगार पर असर पड़ा है। ऐसे में हर एक व्यक्ति के लिए हम लोग आर्थिक स्वावलम्बन का मार्ग प्रशस्त कर सकें, इसका प्रयास पूरी प्रतिबद्धता के साथ किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आज लगभग 3500 परिवारों को 17.42 करोड़ की योजनाओं से आच्छादित करने का कार्य किया गया है। लेकिन यह केवल शुरुआत है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 7.50 लाख परिवारों को वित्तीय वर्ष 2020-21 में आच्छादित करने का जो लक्ष्य है, उसे समय सीमा में हासिल करने का काम किया जाए। इस वित्तीय वर्ष के प्रथम त्रैमास में विभिन्न विभागों द्वारा अभी तक 1,77,491 अनुसूचित जाति के व्यक्ति ही लाभान्वित हो पाए हैं। 06 लाख से अधिक लोगों को इस कार्य योजना से जोड़ने का बड़ा लक्ष्य विभाग के पास है। इसके लिए व्यापक कार्ययोजना बनाकर काम किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रयास किया जाए इस लक्ष्य से अधिक आगे जाकर कम से कम 10 लाख लोगों को इस वित्तीय वर्ष में जोड़ने का काम करें। शासन की योजनाएं उन तक पहुंचे और वह आर्थिक स्वावलम्बन हासिल कर सकें, ये बहुत पवित्र कार्य है।
इस मौके पर मुख्यमंत्री ने 06 जनपदों के लगभग 14 लाभार्थियों से वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिए संवाद किया। मुख्यमंत्री ने उनको दी जाने वाली धनराशि और उससे शुरू किए जा रहे कार्यों के बारे में पूछा और उनकी हौसला अफजायी की। उन्होंने लाभार्थियों को नए काम से होने वाली आमदनी में से कुछ बचत करने की भी नसीहत दी। उनके परिवार के बारे में पूछा। इसके साथ ही किसी भी प्रकार की समस्या होने पर सम्बन्धित अधिकारियों या उन्हें अवगत कराने को कहा।