नई दिल्ली (NNI Live) :- सुप्रीम कोर्ट ने वकील प्रशांत भूषण के ट्वीट पर अवमानना का नोटिस जारी किया है। जस्टिस अरुण मिश्रा की बेंच ने अटार्नी जनरल केके वेणुगोपाल से कोर्ट की सहायता करने को कहा। कोर्ट ने प्रशांत भूषण और ट्विटर को पांच अगस्त तक जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।

सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने ट्विटर से पूछा कि अवमानना की कार्रवाई शुरू होने के बाद क्या ट्वीट को हटाया नहीं जा सकता है। तब ट्विटर ने कहा कि हमें इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है। आप आदेश दें, हम आपत्तिजनक ट्वीट हटाने को तैयार हैं। प्रशांत भूषण के दो ट्वीट को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने कार्रवाई शुरू की है। एक ट्वीट में वे लिखते हैं कि चीफ जस्टिस ने सुप्रीम कोर्ट को आम आदमी के लिए बंद कर दिया है। ट्वीट में लिखा गया है कि चीफ जस्टिस बिना हेलमेट या मास्क के बीजेपी नेता की बाइक चला रहे हैं। दूसरे ट्वीट में वो चार पूर्व चीफ जस्टिस की भूमिका पर सवाल खड़े कर रहे हैं।

यह पहला मामला नहीं है जब प्रशांत भूषण के खिलाफ अवमानना कार्रवाई शुरू की गई है। मार्च 2019 में प्रशांत भूषण ने सुप्रीम कोर्ट में कहा था कि केंद्र सरकार ने एम नागेश्वर राव को अंतरिम सीबीआई प्रमुख बनाये जाने के मामले पर जान-बूझकर सुप्रीम कोर्ट को दिग्भ्रमित किया। इससे संबंधित प्रशांत भूषण के एक फरवरी के ट्वीट खिलाफ अटार्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने अवमानना याचिका दायर की है। हालांकि बाद में अटार्नी जनरल ने अवमानना याचिका वापस ले लिया था। तब कोर्ट ने कहा था कि आप याचिका वापस लें या नहीं हम इस पर फैसला करेंगे।