एक इंस्पेक्टर एेसा भी

एन.एन.आई। डेराबस्सी के 43 वर्षीय एएसआई दलजिंदर सिंह बाछल अब एक और जाबाज मिशन पर हैं। समुद्र की गहराई नापने वाला दलजिंदर सिंह अब धरती पर सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट चूमेेंगे। वह पंजाब के पहले पुलिस अफसर हैं जिन्हें इस मिशन के लिए चुना गया है। सोमवार को चंडीगढ़ में पंजाब के डीजीपी सुरेश अरोड़ा ने उन्हें एवरेस्ट फतेह करने के लिए फ्लैग ऑफ भी कर दिया।


सांस नहीं थी, चारो तरफ बस पानी ही पानी। समुद्र के 30 फीट नीचे, हाथों में साइकिल थी और 110 मीटर की दूरी तय करनी थी। सिर्फ यही चुनौती काफी नहीं थी। साइकल चलाते-चलाते केला खाने की भी चुनौती रखी। कुल 35 मिनट में इस चुनौती को पूरा किया और समुद्र से बाहर निकले।दलजिंदर सिंह ने अपनी टीम के साथ इस काम को पिछले महीने ही पूरा करके लौटे हैं। पंजाब पुलिस के क्राइम ब्रांच में असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर दलजिंदर ने हाल ही में कर्नाटक के मुरुदेश्वर मंदिर के पास स्थित समुद्र में इस काम को अंजाम दिया।

अपनी इस जीत को उन्होंने साझा करते हुए बताया कि यह पहली बार नहीं था कि उन्होंने समुद्र के अंदर साइकिल चलाई हो। इससे पहले भी उन्होंने गोवा में साल 2016 में भी समुद्र के 16.4  फीट नीचे 50 मीटर साइकल चलाई थी। उस दौरान इनके साथ आठ लोगों की टीम थी। टायरों से हवा निकालने के बाद साइकिल को नीचे ले जाया गया, इसके बाद पैडल चलाने की प्रेक्टिस की। साल 2016 में पहली बार समुद्र में साइकिलिंग की। इसे यूनिक बुक ऑफ रिकॉर्ड, लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड, इंडियन बुक ऑफ रिकॉर्ड और एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में नाम दर्ज हुआ। इस कार्य के बाद हमें काफी सराहना मिली। इसलिए एक बार फिर से कुछ नया करने की सोची। लेकिन गोवा में पानी साफ न होने के कारण, हमनें इस बार कर्नाटक के समुद्र में यह किया। यहां पानी साफ था।DSC_0201.JPG

इस बार वह 29035 फीट(8848 मीटर) ऊंची माउंट एवरेस्ट फतेह करने जा रहे हैं। इससे पहले वह हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति क्षेत्र में 20,644 फीट ऊंची वर्जिन चोटी और लद्दाख रीजन में 20086 फीट ऊंची स्टोक कांगड़ी पीक फतह कर चुके हैं। उन्होंने माउंटेनियरिंग इंस्टीच्युशंस ऑफ इंडिया से पर्वतारोहण की हर प्रकार की ट्रैनिंग समेत कोर्स कर रखा है। वे पंजाब सरकार की रेस्क्यू ऑपरेशन टीम का हिस्सा रहे हैं जिसने उत्तराखंड में प्राकृतिक आपदा के दौरान सराहनीय काम किया।


बकौल दलजिंदर, कुदरत से अथाह प्रेम ही उसे माउंटेनियरिंग के साथ साथ अंडर वाटर कारनामों के लिए प्रेरित करता है। एवरेस्ट मिशन को लेकर उनमें पूरा उत्साह है और बुधवार  शाम काठमांडू रवाना हो रहे हैं। हालांकि उनके परिवार वाले इस जोखिम भरे मिशन को लेकर हामी नहीं भर रहे थे परंतु उनके जुनून के आगे देर सवेर सभी नतमस्तक हो गए। इस मिशन के लिए उन्हें भी फंड की दरकार रही है। दलजिंदर के अनुसार 20 से 25 लाख रुपए का खर्चा आ सकता है। यह राशि उसने पर्सनल लोन के अलावा दोस्तों व सगे संबंधियों से जुटाई है। मौसम पर निर्भर यह मिशन पूरा करने में उन्हें 60 से 70 दिन का समय लगेगा। सबसे पहले वह तिरंगा फहराएंगे जिसके बाद पंजाब पुलिस का झंडा भी जरुर एवरेस्ट पर गाड़ेंगे।


दो वर्ल्ड रिकार्ड दर्ज हैं जोलाकलां के दलजिंदर के नाम


क्राइम ब्रांच के एएसआई दलजिंदर पुत्र अमरनाथ बाछल लालडू के निकट गांव जौलाकलां से है। दलजिंदर ने डेराबस्सी सरकारी कॉलेज से बीए की और इस दौरान ही वह 1994 में पंजाब पुलिस में भर्ती हो गए। लालडू के निकट जौलाकलां गांव के निवासी दलजिंदर चंडीगढ़ में नौकरी के कारण ही वह अपनी फैमिली के साथ फिलहाल 861, सैनी विहार, बलटाना में रहते हैं। दलजिंदर सिंह ने पहले ही दो वर्ल्ड रिकार्ड दर्ज कराए हैं। क्लाइमेंट चेंज अवेयरनेस प्रोग्राम के तहत टीम ने 30 फीट की गहराई में 110 मीटर साइकलिंग की। दूसरा रिकार्ड इतनी ही गहराई में जाकर टीम ने एक एक केला समुद्र में खाने का वर्ल्ड रिकार्ड भी बनाया। दलजिंदर सिंह बाछल गोवा में बीते साल 6 जनवरी को अरब सागर में 16.4 फीट गहराई में जाकर 50 मीटर तक समुद्र में साइकल चलाई थी।  

पंजाब पुलिस और देश का नाम रोशन करने वाले दलजिंदर सिंह को आज भी सरकार से दरकार है की उनके इस कारनामे को लेकर उन्हें सम्मानित किया जाये।