आरपीएफ ने रेल आरक्षण केंद्र के बाहर पकड़ा दलाल

एनएनआई
विशाल अग्रवाल (फैजाबाद) : रेल आरक्षण व्यवस्था में दलालों का हस्तक्षेप फिर उजागर हुआ है। रेलवे सुरक्षा बल की ओर से अचानक चलाए गए गोपनीय अभियान में फैजाबाद जंक्शन के आरक्षण केंद्र के बाहर से टिकट दलाली के आरोप में एक युवक को गिरफ्तार किया गया है। घटना मंगलवार शाम की है। पकड़ा गया युवक स्टेशन के निकट ही पहाड़गंज घोसियाना का रहने वाला इकलाख है। आरपीएफ के प्रभारी निरीक्षक केके तिवारी ने बताया कि इकलाख को गिरफ्तार कर लिया गया है। उससे पूछताछ में कुछ और लोगों के नाम भी प्रकाश में आए हैं। कुछ रेल कर्मियों की भी मिलीभगत के संकेत मिले हैं, जिनके बारे में गोपनीय ढंग से जानकारी जुटा कर रेल प्रशासन के उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी।

रेलवे आरक्षण केंद्र पर दलालों का नेटवर्क सक्रिय होने की सूचना कई दिनों से आरपीएफ को मिल रही थी। मंगलवार को रेसुब की स्थानीय टीम ने अचानक आरक्षण केंद्र के बाहर दबिश दी। टीम की ओर से शुरू की गई चे¨कग को देख कर आरक्षण केंद्र के बाहर खड़ा इकलाख भागने लगा। संदेह होने पर टीम ने इकलाख को हिरासत में ले लिया। आरपीएफ पोस्ट पर तलाशी के दौरान इकलाख के पास से टिकट और तीन हजार रुपये तथा कुछ लोगों के नाम लिखी पर्चियां बरामद हुई हैं। आरपीएफ के प्रभारी निरीक्षक का कहना है कि पूछताछ में पाया गया है कि इकलाख काफी दिनों से टिकटों की दलाली में सक्रिय था। दलाल की ओर से वे¨टग टिकट के लिए सौ रुपया प्रति व्यक्ति तथा कंफर्म टिकट के लिए पांच सौ रुपये व उससे अधिक प्रति व्यक्ति अतिरिक्त लिया जाता था।

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पहले भी पकड़ा जा चुका है टिकट दलाल

फैजाबाद : रेल आरक्षण केंद्र पर दलाली का खेल पुराना है। गत वर्ष 28 मई को आरपीएफ के विशेष दस्ते ने सिटी स्टेशन पर छापेमारी कर गोंडा जिले के नवाबगंज निवासी नियाज अंसारी को गिरफ्तार किया था। नियाज के पास से अलग-अलग तिथियों के तत्काल के दो आरक्षित टिकट व आइडी बरामद हुई थीं। वह प्रतिदिन नवाबगंज से यहां आरक्षित टिकटों की अवैध बिक्री के लिए आता था। स्लीपर क्लास के लिए 200 और वातानुकूलित क्लास के लिए 500 रुपये प्रति व्यक्ति अतिरिक्त रकम लेकर वह तत्काल टिकट मुहैया कराता था। है। इसी टीम ने फैजाबाद जंक्शन के आरक्षण केंद्र को भी खंगाला था, लेकिन टीम को कोई संदिग्ध नहीं मिला। इसके बाद स्टेशन से चंद कदम की दूरी पर जीजीआइसी के निकट इ-टिकट बनाने वाली एक अन्य दुकान पर छापेमारी कर दस्तावेजों की पड़ताल की। यहां भी टीम को गड़बड़ी नहीं मिली। फैजाबाद जंक्शन पर पहली बार दलाल पकड़ा गया, लेकिन आरक्षण केंद्र के बाहर। इसलिए रेल कर्मियों की भूमिका पर सीधा सवाल नहीं उठ सकता है, लेकिन मिलीभगत की आशंका से इनकार भी आरपीएफ नहीं कर रही है। आरक्षण केंद्रों पर आम यात्री को भले ही उसकी जरूरत की तिथि पर आरक्षित टिकट न मिले लेकिन दलालों के माध्यम से जब चाहे जिस तिथि का आरक्षित टिकट मिल जाएगा। सवाल उठता है कि आखिर कैसे? इसका जवाब रेलवे के जिम्मेदारों को तलाशना होगा। आरक्षण केंद्र को दलाली से मुक्त कराने के लिए रेल अधिकारियों को कठोर कदम उठाने की जरूरत है।

प्रेस रिपोर्टर - विशाल अग्रवाल
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फैज़ाबाद
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