साध्वी सरस्वती ने कहा भारत मे सिर्फ हिन्दू धर्म और कोई धर्म नही

 एनएनआई  नई दिल्ली    साध्वी सरस्वती के द्वारा धर्मो को लेकर दिये गया बयान सामने आया है हिन्दू जनजागृति समिति द्वारा आयोजित सनातन संस्था के हिन्दू राष्ट्र कानक्लेव में हिन्दू राष्ट्र और मुस्लिम के मुद्दे पर कहा गया कि भारत में किसी और धर्म के लिए कोई जगह नहीं है.

कानक्लेव में कहा गया कि यहां अन्य धर्म के लिए कोई जगह नहीं है. हमारे लिए संविधान से भी पहले धर्म आता है. बाकी सभी लोगों को वापस भेजा जाना चाहिए और हम अपने धर्म के लिए अपने हाथों में हथियार भी ला सकते हैं.
मीडिया के सामने खुली बैठक में कही धर्म को लेकर इतनी बड़ी बात कहे जाने के बाद भी गोवा सरकार द्वारा कॉनक्लेव पर कोई कार्रवाई नहीं की गई. गोवा सरकार के ढुलमुल रवैये की वजह से इस तरह की भड़काऊ बातें खुले प्लेटफॉर्म पर कही गईं.
हमआपको बता दे सनातन संस्था के सदस्यों पर गोवा और महाराष्ट्र में दो बम विस्फोट के साथ-साथ दाभोलकर हत्या का भी आरोप लगाया गया था, लेकिन इसके बावजूद भी ऐसी टिप्पणियों पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है.

साध्वी सरस्वती से जब हिन्दू राष्ट्र की आवश्यकता पर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा, "हमारे दिमाग में किसी को लेकर कुछ भी नहीं है और ना ही किसी धर्म या किसी व्यक्ति के खिलाफ कोई प्लान बना रहे हैं. लेकिन लोकतंत्र में अब हिन्दुओं के लिए किसी तरह का मानवाधिकार नहीं बचा है केवल धर्मनिरपेक्षता बढ़ रही है."

साध्वी ने आगे कहा, "कोई भी हिन्दू पुजारी और महाराज किसी को इस बात के लिए मार देने को नहीं कहेगा कि उसने हमें लाउड स्पीकर पर गायत्री मंत्र नहीं चलाने दिया. लेकिन अगर लाउड स्पीकर द्वारा अजान पर रोक लगा दी जाए तो देखिए क्या होता है. हिन्दू पालन करते रहते हैं. अब सीमा पार हो चुकी है और इसलिए हमें हिन्दू राष्ट्र की जरूरत है."
लोग भूल गए हैं कि हमारे भगवानों और राजाओं ने अपनी रक्षा के लिए हथियार उठाए थे. हिन्दुओं को भी अपनी आत्मरक्षा के लिए हथियार उठा लेने चाहिए क्योंकि भारत और हिन्दूत्व खतरे में है. हमारी बहनें और गौमाता खतरे में हैं .