साउथ काश्मीर मे लागू धारा 144, 3 आतंकियों के शव बरामद

एनएऩआई श्रीनगर - दक्षिणी कश्मीर के अरवानी गांव में लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादी जुनैद अहमद मट्टू और दो अन्य एनकाउंटर में मारे गए। घटनास्थल से दोनों की बॉडी प्राप्त कर ली गई है। 24 वर्षीय मट्टू उर्फ 'जना' के अलावा अन्य दो शख्स 18 वर्षीय आदिल मुश्ताक मीर उर्फ नाना और 20 वर्षीय निसार अहमद वानी के थे।सुरक्षाकर्मियों के साथ मुठभेड़ में लश्कर कमांडर जुनैद मट्टू समेत तीन आतंकियों के मारे जाने और पुलिस दल पर आतंकी हमला होने के बाद शनिवार को दक्षिण कश्मीर के कुलगाम, अनंतनाग और श्रीनगर में धारा 144 लगा दी गई है।

ये तीनों प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन लश्कर के सदस्य हैं। बताया जाता है कि, कुलगाम के खुदवानी गांव का रहने वाला 24 वर्षीय मट्टू जून 2015 में आतंकवाद में शामिल हुआ था। पिछले साल जून में अनंतनाग बस स्टैंड पर दिनदहाड़े दो पुलिसकर्मियों को मारने के बाद उसे लश्कर समूह के दक्षिण कश्मीर के लिए कमांडर नियुक्त किया गया। जबकि अन्य मीर पंपोर फरासबल इलाके से और वानी दुकानिया जिले के हेफ शिरमल से था। पिछले साल हिज्बुल मुजाहिदीन के आतंकी बुरहान वाणी की मौत के बाद दोनों आतंकवाद में शामिल हुए थे।

पुलिस ने अरवानी गांव में तीन आतंकियों की मौजूदगी के बारे में खुफिया सूचना के मिलने के बाद कल 8 बजे एक घर के आसपास घेराबंदी की थी। आतंकवादियों के साथ 10 बजे पहली मुठभेड़ हुई, जिसके बाद अतिरिक्त बलों को मौके पर पहुंचाया गया।

दोपहर बाद फायरिंग बंद हो गई लेकिन मुठभेड़ के कारण दो घरों में आग लग गई। पुलिस ने कहा किइस बीच कुछ ग्रामीणों ने सुरक्षा बलों की कार्रवाई का विरोध करते हुए पत्थरबाजी भी की थी। पुलिस के अनुसार, मट्टू को बचाने के लिए लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादी काफी परेशान थे। मुठभेड़ स्थल से 20 किलोमीटर दक्षिण में अबाबाल इलाके में एक अधिकारी फिरोज अहमद दरद सहित छह पुलिसकर्मियों की हत्या के बाद सर्च ऑपरेशन भी प्रभावित हुआ।

लश्कर-ए-तैयबा ने अपने साथियों की मौत का बदला लिया था। इस मुठभेड़ में दो नागरिक भी मारे गए थे। मृतक की पहचान 34 वर्षीय मोहम्मद अशरफ खार के रूप में की गई जो सेना और आतंकवादियों के बीच क्रॉस फायर में मारा गया जिसे नजदीकी अस्पताल में ले जाने पर उसे मृत घोषित कर दिया गया। पुलिस ने बताया कि मुठभेड़ स्थल के पास गोलीबारी के बाद 15 साल के अहसान मुश्ताक की भी मौत हो गई थी।