पहली बार एक रोबोट ने हाथ मे लिया ट्रफिक चलाने की कमान , जाने किस सिटी ने किया यह अनोखा काम

एनएनआई  (मध्य प्रदेश) -    क्या आप ने कभी किसी रोबोट को ट्रफिक पर सिंगनल देते हुए देखा है अगर नही देखा तो आपको बता दे कि इंदौर देश का ऐसा पहला शहर होगा, जहां पुलिस जवान की जगह अब रोबोट ट्रैफिक नियंत्रित करेगा। रविवार शाम को सिग्नलविहीन एमआर-9 चौराहे पर ट्रैफिक पुलिस के अफसरों ने रोबोट का ट्रायल लिया। रोबोट ने तीन घंटे तक यातायात नियंत्रित किया। यह चारों तरफ घूमकर वाहन चालकों को अपने हाथों से रुकने और निकलने के संकेत देता रहा। इस दौरान ट्रैफिक अनुशासित नजर आया। इसे इंदौर में वेंकटेश्वर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी संस्थान के प्रोफेसर राहुल तिवारी और अनिरुद्ध शर्मा ने तैयार किया है। विश्व में पहली बार इस तरह का प्रयोग दक्षिण अफ्रीका में किया गया था।

जैसे-जैसे समय बदल रहा है टेक्नोलॉजी भी बदलती जा रही है। आजकल ऐसी कई मशीनें आ चुकी हैं जिनके कारण हमारा काम आसान हो जाता है। मशीन के बारे में कहे तो रोबोट आज एक ऐसी चीज़ हो गई है जो आपके काम तो करता है साथ ही आपको प्यार भी देता है। रोबोट ऑपरेशन भी करता है और दूसरों की मदद भी करता है।

हाल ही में भारत में एक ऐसा रोबोट बनाया गया है जो ट्रैफिक रूल्स तोड़ने पर आपके चालान काटेगा। इतना ही नहीं ये रोबोट आपको ट्रैफिक रूल्स के प्रति जागरूक भी करेगा। अब आप सोच रहे होंगे कि ऐसा आखिर होगा कहां तो आपको बता दें कि भारत का सबसे स्वच्छ शहर इंदौर इस रोबोट का ट्रायल कर चुका है और इस तरह का एक्सपेरिमेंट देश में पहली बार हो रहा है।

 

ये है खासियत

500 किलो लोहे से बना है घूमता रहता है ऊपरी हिस्सा -टाइमर और कैमरों से लैस
इसकी भुजाएं ट्रैफिक खुलने के हिसाब से एडजस्ट होती रहती हैं
वाईफाई से जोड़कर कैमरों का व्यू लैपटॉप, टेबलेट और आरएलवीडी सिस्टम से देखा जा सकता है
एक बार इंस्टाल करने के बाद इसे हटाया भी जा सकता है और दूसरे स्थान पर ले जाया जा सकता है
अभी यह 12 वॉट के बिजली कनेक्शन से चलता है
भविष्य में इसे सोलर सिस्टम से अपडेट कर दिया जाएगा