आपातकाल में ब्रिटिश हुकूमत से भी ज्यादा ढहाये गए आवाम पर पुलिसिया जुल्म

आपातकाल में ब्रिटिश हुकूमत से भी ज्यादा ढहाये गए आवाम पर पुलिसिया जुल्म

लखीमपुर-खीरी :- 25 जून 1975 का वह दिन लोकतंत्र के रखवाले शायद कभी भूल नहीं सकते शायद यही कारण है कि आपातकालीन की यात्राओं को झेलने वाले लोकतंत्र सेनानी कि आंखें इस दिन की याद से ही भर आई। उन्होंने अपने साथ हुई यातनाओं के बारे में बताते हुए कहा कि ब्रिटिश शासन काल से...
आपातकाल के 45 साल : वो दिन याद आते ही भर आती हैं आंखें

आपातकाल के 45 साल : वो दिन याद आते ही भर आती हैं आंखें

सुल्तानपुर :- आपातकाल के दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े लोगों को ढूंढ-ढूंढ कर यातनाएं दी गई। कांग्रेस का यह बेखौफ चेहरा अंग्रेजी हुकूमत से कम नहीं था। आपातकाल के दिनों की याद आते ही आंखें भर आती हैं। पुलिस का बेखौफ चेहरा देख लोग सहमे -सहमे से नजर आते थे। बाग...
आपातकाल के 45 साल : काम नहीं आया रिहाई का फार्मूला

आपातकाल के 45 साल : काम नहीं आया रिहाई का फार्मूला

मेरठ :- देश से लोकतंत्र को समाप्त कर तानाशाही स्थापित करने के लिए आज से 45 वर्ष पूर्व तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने देश पर आपातकाल थोप दिया था। आपातकाल का विरोध करने वाले नेताओं और कार्यकर्ताओं को जेलों में ठूंस दिया गया। आपातकाल का विरोध करने वालों में...